हाल ही में केरल रणजी टीम में जगह पाने वाले तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत (Sreesanth) ने कहा है कि अगस्त 2013 में जब बीसीसीआई ने उन्हें तथाकथित आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में उन पर आजावीन बैन लगाया था, तब लगतार उनके दिमाग में आत्महत्या के विचार आ रहे थे। Also Read - यूनिस खान पर लगाए ग्रांट फ्लॉवर के आरोपों पर पाक टीम मैनेजमेंट की तरफ से आया ये बयान

श्रीसंत ने डेक्कन हेराल्ड से कहा, “ये ऐसी चीज है जिससे मैं 2013 में लगातार लड़ रहा था। ये सोच मेरे साथ बनी रहती थी, लेकिन मेरे परिवार ने मुझे संभाले रखा। मुझे परिवार के साथ ही रहना था। मुझे पता है कि उन्हें मेरी जरूरत है।” Also Read - महेंद्र सिंह धोनी एक चैंपियन क्रिकेटर हैं : माइक हसी

बता दें कि साल 2018 में केरल हाईकोर्ट ने बीसीसीआई के फैसले को खारिज कर दिया था लेकिन 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने सजा बरकरार रखने का फैसला किया। हालांकि कोर्ट ने बोर्ड को श्रीसंत की सजा कम करने के लिए कहा था। जिसके बाद बीसीसीआई ने श्रीसंत के आजीवन बैन को घटाकर सात साल का कर दिया। Also Read - सबूतों की कमी की वजह से श्रीलंका क्रिकेट ने 2011 विश्व कप 'मैच फिक्सिंग' जांच बंद की

श्रीसंत के अच्छे दोस्त थे सुशांत

श्रीसंत ने कहा कि वो अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के काफी अच्छे दोस्त थे। सुशांत ने 14 जून को आत्महत्या की थी।
उन्होंने कहा, “इसलिए, सुशांत की मौत ने मुझे इतना ज्यादा प्रभावित किया, और वो मेरे अच्छे दोस्त भी थे। मैं भी ऐसी ही कगार पर था लेकिन मैं लौट आया क्योंकि मुझे पता था कि इससे उन लोगों को कितना दुख होगा जो मुझे प्यार करते हैं।”

उन्होंने कहा, “मैं एक किताब लिख रहा हूं जो एक-दो महीनों में आ जाएगी। इसमें मैंने इस बारे में लिखा है और साथ ही लिखा है कि आप कैसे अकेले नहीं हैं। अगर आप अगर अकेले भी हैं तो बुरी बात नहीं है क्योंकि कई अच्छी चीजें अकेले में ही होती हैं।”

37 साल के इस गेंदबाज ने कहा, “अकेलापन कई बार आपको अपने अंदर की कई सारी चीजों से अवगत करा देता है। यह बड़ी बात है क्योंकि कई बार लोग इस बात को समझ ही नहीं पाते कि वो क्या हैं। मैं इस बारे में बात करना नहीं चाहता लेकिन ऐसा भी समय था जब मैं अपने बिल नहीं दे पा रहा था। मुझे नहीं पता था कि मेरा अगला भोजन कहां से आएगा। इसलिए मैं उन सभी शो का शुक्रगुजार हूं जिन्होंने मुझे मौका दिया और मुझ पर विश्वास किया।”