कोलंबो: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 22 रन देकर पांच विकेट चटकाने वाले श्रीलंका के तेज गेंदबाज नुवान कुलशेखरा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला किया है. कुलशेखरा चमिंडा वास और लसिथ मलिंगा के बाद श्रीलंका के तीसरे सबसे सफल तेज गेंदबाज हैं. महेंद्र सिंह धोनी ने 2011 विश्व कप के फाइनल में कुलशेखरा पर ही छक्का जड़कर भारत को जीत दिलाई थी.

37 साल के कुलशेखरा ने 184 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में 199 विकेट, जबकि 58 टी20 मैचों में 66 विकेट चटकाए. उनका अंतरराष्ट्रीय करियर 15 साल से अधिक समय का रहा. उन्होंने श्रीलंका की ओर से 21 टेस्ट में 48 विकेट भी हासिल किए.

भारत के खिलाफ ढाका में फाइनल में उन्होंने 29 रन देकर एक विकेट चटकाया और इस दौरान युवराज सिंह उनके खिलाफ बड़े शॉट खेलने में नाकाम रहे.

कुलशेखरा मार्च 2009 में आईसीसी रैंकिंग में नंबर एक गेंदबाज बने और ब्रिसबेन में 2013 में उन्होंने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 22 रन देकर पांच विकेट चटकाए.

कुलशेखरा ने आखिरी बार जुलाई 2017 में हंबनटोटा में जिंबाब्वे के खिलाफ एकदिवसीय मैच में श्रीलंका का प्रतिनिधित्व किया. वह मार्च 2018 के बाद से किसी प्रतिस्पर्धी मैच में नहीं खेले हैं. कुलशेखरा ने 2014 विश्व टी20 में श्रीलंका की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाते हुए छह मैचों में आठ विकेट चटकाए थे.