पूर्व कप्तान अर्जुन रणतुंगा द्वारा लगाए गए 2011 वर्ल्ड कप फाइनल फिक्स होने के आरोपों के बाद श्रीलंका के खेल मंत्री दयासिरी जयसेकरा ने कहा है कि है कि वह इस मामले में जांच का आदेश देने के इच्छुक हैं.

जयशेखर ने बुधवार को रणतुंगा के आरोपों पर कहा, ‘किसी को लिखित शिकायत करने दीजिए, मैं जांच का आदेश देने को तैयार हूं.’ वर्ल्ड कप 2011 के फाइनल के दौरान वानखेड़े स्टेडियम में कॉमेंटेटर के रूप में मौजूद रहे रणतुंगा ने कहा था कि उस दिन श्रीलंका का प्रदर्शन सवालों के घेरे में है और इसकी जांच होनी चाहिए.

न सिर्फ रणतुंगा बल्कि इस फाइनल मैच के दौरान मौजूद रहे श्रीलंका के पूर्व खेल मंत्री महिंदानंदा अलुथगामगे ने भी फाइनल में श्रीलंका के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं. इस मैच में श्रीलंकाई टीम भारत के खिलाफ 273 रन का स्कोर खड़ा करने के बाद 6 विकेट से खिताब गंवा बैठी थी.

अलुथगामगे ने स्थानीय टीवी से मंगलवार को कहा कि मैनेजर की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि एक सीनियर खिलाड़ी ने फाइनल के दौरान ड्रेसिंग रूप में 50 से अधिक सिगरेट पी और मैच के तुरंत बाद कप्तान ने बिना कोई वजह बताए इस्तीफा देने की पेशकश की थी.

उन्होंने कहा कि मैच से जुड़ी ऐसी कई संदेहास्पद घटनाएं थीं जिसके बारे में उन्होंने तत्कालीन क्रिकेट प्रबंधन समिति को जांच करने को कहा था. 2011 वर्ल्ड कप फाइनल को लेकर ये विवाद हाल ही में श्रीलंका की अपनी ही धरती पर जिम्बाब्वे के खिलाफ पहली वनडे सीरीज गंवाने के बाद से शुरू हुआ है.

रणतुंगा पर जवाबी हमले के रूप में 2011 वर्ल्ड कप फाइनल में श्रीलंका के कप्तान रहे कुमार संगकारा ने इस बात की जांच कराए जाने की मांग की थी कि आखिर क्यों खिलाड़ियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा होने के बावजूद 2009 में श्रीलंका के पाकिस्तान दौरे को मंजूरी दी गई थी. उस समय रणतुंगा श्रीलंका क्रिकेट के बॉस थे.

2009 में श्रीलंका टीम के पाकिस्तान के दौरे के दौरान उन पर लाहौरा में आतंकी हमला हुआ था, जिसमें कुछ खिलाड़ी घायल हो गए थे. इस हमले के बाद से अब तक किसी भी टीम ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया है.