नई दिल्ली : वनडे में इस साल अपने खराब दौर से गुजर रही श्रीलंका के बल्लेबाजों के लिए अबू धाबी में सोमवार को होने वाले एशिया कप ग्रुप-बी में अफगानिस्तान के गेंदबाजों से पार पाना एक कड़ी चुनौती होगी. श्रीलंका के बल्लेबाज टूर्नामेंट के पहले मैच में बांग्लादेश के गेंदबाजों के सामने संघर्ष करते नजर आए थे. श्रीलंकाई टीम अपने बल्लेबाजों की विफलता के कारण बांग्लादेश के 261 रन के जवाब में 124 पर ढेर हो गई थी और उसे 137 रन के करारी अंतर से हार का सामना करना पड़ा था.

श्रीलंका ने 2016-17 में वेस्टइंडीज के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज के बाद से केवल नौ मैच जीते हैं जबकि 29 मैचों में उसे हार का मुंह देखना पड़ा है. बांग्लादेश के खिलाफ दिलरुवान परेरा ने सर्वाधिक 29 और उपुल थरंगा ने 27 रन बनाए थे. इसके अलावा बाकी बल्लेबाज असफल रहे थे.

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हांलाकि गेंदबाजी में लसिथ मलिंगा के वापस आने से टीम को मजबूती मिली है. एक साल बाद टीम में वापसी करने वाले मलिंगा ने पिछले मैच में 23 रन देकर चार विकेट लिए थे. लेकिन, श्रीलंका को अगर जीत की पटरी पर लौटना है तो उसके बल्लेबाजों को रन बनाना होगा.

दूसरी तरफ, अफगानिस्तान की टीम मौजूदा समय में शानदार फार्म में चल रही है. टीम ने हाल में आयरलैंड और जिम्बाब्वे से वनडे सीरीज जीती है. इसके अलावा उसने अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर अगले साल होने वाले विश्वकप के लिए भी क्वालीफाई किया है.

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अफगानिस्तान के लिए रहमत शाह, मोहम्मद शहजाद, नजीबुल्लाह जादरान और मोहम्मद नबी ने इस सीजन में वनडे में 300 से अधिक रन बनाए हैं. गेंदबाजी में उसके पास राशिद खान और मुजीब उर रहमान के रूप में विश्व के दो बेहतरीन स्पिनर मौजूद हैं. ये गेंदबाज दुबई के स्पिन अनुकूल पिच पर श्रीलंकाई बल्लेबाजों के लिए मुसीबत खड़ी कर सकते हैं.

हालांकि फॉर्म से हटकर अगर आंकड़ों की बात की जाए तो पलड़ा श्रीलंका का भारी दिखाई दे रहा है. श्रीलंका ने अफगानिस्तान के खिलाफ अब तक दो वनडे मैच खेले हैं और दोनों में उसने शानदार जीत दर्ज की है.