पल्लेकल। श्रीलंका के खिलाफ तीसरे एक दिवसीय मैच और सीरीज में भारत की 3-0 से अजेय बढ़त हासिल करने के दौरान यहां भीड़ ने मैच में बाधा डालने की कोशिश की. इसके चलते अंपायरों को करीब 35 मिनट तक मैच रोकना पड़ गया.

भारत का स्कोर 44 ओवर के बाद 210 रन था और जीत हासिल करने के लिए उसे सिर्फ आठ रन और चाहिए थे. रोहित शर्मा 122 रनों पर और महेन्द्र सिंह धोनी 61 रन बना कर बल्लेबाजी कर रहे थे. तभी, श्रीलंकाई टीम के समर्थकों के उग्र व्यवहार के चलते खिलाड़ियों को ड्रेसिंग रूम भेजना पड़ गया. श्रीलंका के समर्थक मैदान में पानी की बोतलें फेंक रहे थे.

मैच दोबारा शुरू करने से पहले दर्शक दीर्घा के कुछ हिस्से से दर्शकों को हटाने के लिए सुरक्षा बलों को बुलाया गया. गौरतलब है कि इस दृश्य ने 1996 के वर्ल्ड कप सेमीफाइनल की यादें ताजा कर दी, जब कोलकाता के ईडेन गार्डन मैदान में श्रीलंका के खिलाफ भारतीय पारी लड़खड़ा गई थी.

भारत ने जीती सीरीज

जसप्रीत बुमराह की तूफानी गेंदबाजी के बाद सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा के 12वें शतक की बदौलत भारत ने तीसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में आज यहां श्रीलंका को अंतिम लम्हों में दर्शकों के हुड़गंद के बीच छह विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की विजयी बढ़त बनाई और इस टीम के खिलाफ 1993 के बाद कोई द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं गंवाने का रिकार्ड कायम रखा.

भारत को पिछली बार श्रीलंका के खिलाफ 1993 में उसी की सरजमीं पर 2-1 से शिकस्त का सामना करना पड़ा था जबकि इसके बाद से भारत ने पिछले 24 साल में इस टीम के खिलाफ कोई द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं गंवाई है.

रोहित ने 145 गेंद में 16 चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 124 रन की पारी खेलने के अलावा पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (नाबाद 67) के साथ पांचवें विकेट के लिए 157 रन की अटूट साझेदारी की भी जिससे भारत ने श्रीलंका के 218 रन के लक्ष्य को 45 .1 ओवर में चार विकेट पर 218 रन बनाकर हासिल कर लिया. धोनी ने 86 गेंद की अपनी पारी में चार चौके और एक छक्का मारा.