BCCI-President-N-Srinivasan Also Read - 'रोहित शर्मा की चोट जरूरत से ज्यादा गंभीर; 2-3 हफ्तों तक आराम करना होगा'

नई दिल्ली: अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के प्रमुख एन. श्रीनिवासन ने शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय से अनुरोध किया कि वह उन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) अध्यक्ष पद पर बहाल करे। उल्लेखनीय है कि न्यायालय द्वारा 2013 आईपीएल सट्टेबाजी और स्पॉट फिक्सिंग मामले की जांच के लिए गठित मुद्गल समिति ने अपनी रिपोर्ट में श्रीनिवासन को हर प्रकार के आरोपों से बरी कर दिया है। Also Read - अगर फिट हुए तो ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जरूर जाएंगे रोहित शर्मा: दीप दासगुप्ता

श्रीनिवासन ने न्यायालय से कहा कि जैसा कि मुद्गल समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि वह स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी के हर तरह के आरोपों से बरी हुए हैं, उन्हें बीसीसीआई अध्यक्ष पद पर फिर से बहाल होने की अनुमति दी जाए। Also Read - ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम इंडिया में शामिल हुए वरुण चक्रवर्ती ने कहा- 'सपना पूरा हुआ'

श्रीनिवासन ने न्यायालय को दिए गए जवाब में शुक्रवार को कहा, “मैं बीसीसीआई का चयनित अध्यक्ष हूं और ऐसे में जबकि मुद्गल समिति ने अपनी रिपोर्ट में उन्हें स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी के हर तरह के आरोपों से बरी कर दिया है, मैं चाहता हूं कि मुझे अपना पद फिर से सम्भालने की फिर से अनुमति दी जाए।”

“मैं अपने ऊपर लगे गलत आरोपों के कारण अध्यक्ष के तौर पर एक साल गंवा चुका हूं। इस दौरान मेरा मेरे अधिकारियों के साथ कोई सम्पर्क नहीं रहा है। इसी आधार पर मैं माननीय न्यायालय से अनुरोध करता हूं कि वह मुझे अध्यक्ष पद पर काम करने की अनुमति दे।”

इस साल 28 मार्च को श्रीनिवासन ने न्यायालय से कहा था कि वह सट्टेबाजी और स्पॉट फिक्सिंग मामले की जांच पूरी होने तक अपना पद नहीं त्यागेंगे।

मुद्गल समिति ने 17 नवम्बर को न्यायालय में पेश अपनी रिपोर्ट में कहा था कि श्रीनिवासन के दामाम गुरुनाथ मयप्पन सट्टेबाजी में शामिल रहे हैं लेकिन उन्हें स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों से बरी कर दिया गया है।