भारत की जूनियर पुरुष हॉकी टीम को 9वें सुल्तान ऑफ जोहोर कप के फाइनल में शनिवार को ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ 1-2 से हार का सामना करना पड़ा.

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भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और तेज खेल दिखाते हुए ग्रेट ब्रिटेन को बैकफुट पर रखा. भारतीय टीम की फिनिशिंग हालांकि काफी खराब रही जिससे टीम को गोल करने के लिए जूझना पड़ा.

भारत के लिए पहला मौका मनिंदर सिंह ने बनाया जिन्होंने अकेले दम पर विरोधी टीम के तीन खिलाड़ियों को छकाया लेकिन उनका शॉट क्रॉसबार के ऊपर से निकल गया.

ग्रेट ब्रिटेन के गोलकीपर जेम्स मजारेलो ने इसके बाद सुदीप के प्रयास को भी नाकाम किया और फिर भारत को तीन पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करने से रोका.

दूसरे क्वार्टर में ब्रिटेन के गोलकीपर ओलिवर पेन को उतारा जिन्होंने दिलप्रीत सिंह के शानदार शॉट को विफल करने के बाद गुरसाहिबजीत के प्रयास को भी नाकाम किया.

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मध्यांतर तक दोनों टीमें गोल रहित बराबरी पर थीं.

तीसरे क्वार्टर में भी यही स्थिति दोहराई गई. भारत को पांचवां पेनल्टी कॉर्नर मिला और इस बार मजारेलो ने प्रदीप लाकड़ा की ड्रैग फ्लिक को रोका.

कुछ मिनटों बाद मनिंदर की बदौलत भारत को गोल करने का सुनहरा मौका मिला लेकिन शिलानंद लाकड़ा के का शॉट सीधा मजारेलो के पास पहुंचा जिन्होंने इसे आसानी से रोक दिया.

चौथे क्वार्टर में भारत ने और तेजी दिखाई. टीम को 49वें मिनट में सातवां पेनल्टी कॉर्नर मिला. भारत ने इस बार वैरिएशन अपनाया और मनदीप की ड्रैग फ्लिक को गुरसाहिबजीत ने गोल का रास्ता दिखाया.

इसके एक मिनट के भीतर ग्रेट ब्रिटेन को पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला. संजय ने शुरुआत प्रयास को नाकाम किया लेकिन रिबाउंड पर स्टुअर्ट रशमोर ने गोल करके टीम को बराबरी दिला दी.

रशमोर ने इसके बाद रिबाउंड पर एक और गोल दागकर ग्रेट ब्रिटेन को खिताब दिला दिया.