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अपने इंटरनेशनल करियर का आखिरी मैच खेलेंगे सुनी छेत्री, बोले- भावुक नहीं हूं, पूरा फोकस मैच पर
स्टार फुटबॉलर सुनील छेत्री गुरुवार को अपने करियर का आखिरी इंटरनेशनल मैच खेलेंगे. इस मैच में वह जीते के साथ विदाई लेना चाहेंगे, जिससे भारत को FIFA वर्ल्ड कप में क्वॉलीफाई का मौका मिलेगा.
कोलकाता. भारतीय फुटबॉल के दिग्गज फॉरवर्ड खिलाड़ी सुनील छेत्री (Sunil Chhetri) गुरुवार को आखिरी बार मैदान पर खेलते दिखाई देंगे. भारत आज कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में कुवैत के खिलाफ फीफा वर्ल्ड कप क्वॉलीफायर मैच में खेलने उतरेगा. छेत्री ने पहले ही इस मैच को खेलकर संन्यास का ऐलान कर दिया था. उनके फैन्स और मीडिया जगत में भले उनके संन्यास को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं. लेकिन खुद छेत्री फिलहाल इस पर नहीं सोच रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनका और पूरी टीम का पूरा ध्यान अभी इस मैच पर है. छेत्री जानते हैं कि अगर भारत यहां जीत दर्ज करता है तो फीफा वर्ल्ड कप के तीसरे दौर में उसकी जगह लगभग पक्की हो जाएगी.
भारत के पास FIFA वर्ल्ड कप में क्वॉलीफाई का मौका
फीफा वर्ल्ड कप का आयोजन 2026 में अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होना है. इस में भाग लेने वाली एशिया की टीम का फैसला तीसरे क्वॉलीफायर के बाद होगा. ऐसे में छेत्री समेत टीम इंडिया इस मैच को जीतने के लिए बेताब है. भारतीय टीम देश के इस महान फुटबॉलर को जीत के साथ-साथ वर्ल्ड कप में क्वॉलीफाई करने की उम्मीदों को बरकरार रखते हुए विदाई देना चाहती है.
सबसे ज्यादा इंटरनेशनल गोल- दुनिया के टॉप 5 में सुनील छेत्री
39 वर्षीय छेत्री ने अपने 19 साल के लंबे करियर में, इंटरनेशनल फुटबॉल में 150 मैचों में 94 गोल किए हैं. वह क्रिस्टियानो रोनाल्डो, ईरान के रिटायर्ड फुटबॉलर अली डेई और लियोनेल मेसी के बाद वैश्विक मंच पर चौथे सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं. आज के मैच से पहले, रियल मैड्रिड के मिडफील्डर लुका मोड्रिक ने भी सुनील छेत्री के लिए एक खास संदेश भेजा है.
छेत्री ने भारत को जिताए ये खिताब
सुनील छेत्री को फुटबॉल में योगदान के लिए अर्जुन पुरस्कार अवॉर्ड मिला है. उन्होंने अपने करियर में 2002 में मोहन बागान के साथ अपने पेशेवर फुटबॉल करियर की शुरुआत की. उन्होंने 2007, 2009 और 2012 में नेहरू कप में भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, टीम की सफलता में अपने उल्लेखनीय कौशल और योगदान का प्रदर्शन किया. इसके अलावा, उन्होंने भारत को 2011, 2015, 2021 और 2023 SAFF चैंपियनशिप जीतने में भी अहम भूमिका निभाई. छेत्री ने भारत को 2008 एएफसी चैलेंज कप में जीत दिलाई, जिसने भारत को 27 वर्षों में अपने पहले एएफसी एशियाई कप के लिए क्वॉलीफाई करने में मदद की.
छेत्री ने बताया क्या है रिटायरमेंट प्लान
इस भारतीय स्टार फुटबॉलर ने भविष्य की अपनी योजनाओं के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘अगर हम कल जीतते हैं तो हम लगभग क्वॉलीफाई (तीसरे चरण के लिए) कर लेंगे. हमें घरेलू और विदेशी सरजमीं पर पांच-पांच मैच खेलने का मौका मिलेगा. मैं अच्छे सूट पहनूंगा और जहां भी टीम खेलेगी वहां मैच देखूंगा.’
क्या संन्यास से वापसी करेंगे छेत्री
छेत्री से जब पूछा गया कि वह संन्यास के अपने फैसले पर फिर से विचार कर सकते हैं तो उन्होंने इसका नाकारात्मक में जवाब दिया. उन्होंने कहा, ‘नहीं सर, मेरे सूट तैयार हो गए हैं और अब मैं टीम के खिलाड़ियों के खेल का लुत्फ उठाउंगा. मैंने इसके बारे में बहुत सोचा है. मेरी 19 साल की यात्रा बहुत अच्छी रही. टीम जहां भी जाएगी, मैं एक प्रशंसक के तौर पर जाऊंगा और टीम का समर्थन करूंगा.’
(इनपुट: एजेंसी)
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