ऑस्ट्रेलिया (Australia) के स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ (Steve Smith) की तकनीकि को लेकर क्रिकेट जगत में काफी चर्चा हो चुकी है। गैर परंपरागत तकनीकि के बावजूद स्मिथ फिलहाल टेस्ट क्रिकेट के नंबर एक बल्लेबाज बने हुए हैं। एक साल के लंबे ब्रेक के बाद वापसी करने के साथ ही स्मिथ ने एशेज सीरीज में धमाकेदार प्रदर्शन कर 937 की रेटिंग के साथ टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर दोबारा कब्जा किया।

भारत के दिग्गज क्रिकेट सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने स्मिथ की बल्लेबाजी का विश्लेषण करते हुए कहा कि सफल होने के लिए बेहतरीन तकनीकि नहीं बल्कि अच्छे टेंपरामेंट की जरूरत होती है, जो स्मिथ के पास है।

स्पोर्ट्स्टार को दिए इंटरव्यू में पूर्व कप्तान ने कहा, “मैंने हमेशा ही टेंपरामेंट के बारे में बात की है, ना कि केवल तकनीकि के बारे में। मेरे लिए, टेंपरामेंट बड़े खिलाड़ियों को युवाओं से अलग करता है। तकनीकि ठीक है, आपके पास एक ठीक-ठाक तकनीकि तो होनी चाहिए लेकिन आप सफल तब होंगे जब आपका टेंपरामेंट अच्छा हो।”

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पूर्व क्रिकेटर ने आगे कहा, “आपको सफल होने के लिए ज्यादा अच्छी तकनीकि की जरूरत नहीं है। आपको अच्छे टेंपरामेंट की जरूरत है। आपको अपने आप पर आत्मविश्वास होना चाहिए। आप तेज गेंदबाजी को खेलने की चुनौती लेना चाहते हैं।”

1983 विश्व कप जीत को करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं गावस्कर 

गावस्कर से जब उनके क्रिकेट करियर के ऐसी पल के बारे में पूछा गया जिसपर उन्हें आज तक गर्व है, तो उन्होंने कहा, “मेरे करियर की सबसे बड़ी घटना विश्व कप जीतना थी, उसे घटना नहीं बल्कि सबसे बेहतरीन याद कहूंगा।”

पूर्व खिलाड़ी ने आगे कहा, “1983 की विश्व कप जीत पर (सबसे ज्यादा गर्व है), 29वें टेस्ट शतक पर नहीं, 10,000 रन पर भी नहीं, विश्व कप सबसे ऊपर है।”