भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने कहा है कि उन्हें आज तक समझ नहीं आया कि 1978-79 में घर में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीतने के बाद भी कप्तानी से क्यों हटा दिया गया था। इस सीरीज में उन्होंने 700 से ज्यादा रन भी बनाए थे।Also Read - IND vs WI: वेस्टइंडीज के खिलाफ Virat Kohli सर्वाधिक शतक जड़ने वाले भारतीय, टॉप-5 में मौजूद ये दिग्गज

भारत ने छह मैचों की सीरीज 1-0 से जीती थीं। इस सीरीज के बाद गावस्कर के स्थान पर एस. वेंकटराघवन को टीम का कप्तान बनाया गया था। Also Read - रविचंद्रन अश्विन जैसी है प्रसिद्ध कृष्णा की मानसिकता, उसका अपना दिमाग है: दिनेश कार्तिक

गावस्कर ने अंग्रेजी अखबार मिड-डे में अपने कॉलम में लिखा है, “वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज जीतने के बाद भी मुझे कप्तानी से हटा दिया गया था जबकि इस सीरीज में मैंने 700 से ज्यादा रन बनाए थे। मुझे अभी तक इसका कारण नहीं पता, लेकिन शायद मैं उस समय कैरी पैकर वल्र्ड सीरीज क्रिकेट से जुड़ने को तैयार था इसलिए शायद हटा दिया गया हो। चयन से पहले मैंने बीसीसीआई के साथ करार किया और बताया कि मैं किसके लिए वफादार हूं।” Also Read - कोच द्रविड़ को ढूंढने होंगे ऐसे युवा खिलाड़ी जो अगले 4-5 सालों में टीम इंडिया को आगे ले जाएंगे: शास्त्री

गावस्कर ने बताया कि उन्होंने किस तरह बिशन सिंह बेदी को टीम में रखने के लिए चयनकर्ताओं को मानाया।

गावस्कर ने कहा, “समिति ने फैसला किया था कि तीन मैचों के बाद वह बेदी को हटा देंगे। जब मैंने पाकिस्तान सीरीज के बाद कप्तान के तौर पर उनका स्थान लिया तभी समिति उन्हें हटाना चाहती थी। मैंने कहा कि वह अभी भी देश में बाएं हाथ के सर्वश्रेष्ठ स्पिनर हैं और इसलिए उन्होंने पहले टेस्ट मैच में उन्हें मौका दिया।”