भारतीय टीम के दिग्‍गज बल्‍लेबाज सुनील गावस्‍कर का मानना है कि रविचंद्रन अश्विन को विदेशों में नेथन लियोन और मोइन अली जैसे गेंदबाजों से तुलना का सामना करना पड़ता है.

विंडीज दौरे पर टीम का हिस्‍सा रहे रविचंद्रन अश्विन को वहां दोनों ही टेस्‍ट मैचों में प्‍लेइंग इलेवन में शामिल होने का मौका नहीं मिला. विशाखापत्‍तनम टेस्‍ट में मौका मिलते ही अश्विन ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का जोहर दिखाया. वो अबतक पांच में से तीन विकेट अपने नाम कर चुके हैं. एडेन मार्करम, थ्युनिस डी ब्रून और फाफ डु प्‍लेसिस को चलता किया.

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भारतीय टीम के दिग्‍गज बल्‍लेबाज सुनील गावस्‍कर ने अश्विन को टीम से बार-बार बाहर किए जाने पर मैनेजमेंट की जमकर आलोचना की. उन्‍होंने कहा, “अश्विन के मन में टीम में खेलने को लेकर निश्चितता की भावना होनी चाहिए. उनके अंदर कंफर्ट का स्‍तार नहीं आ पा रहा है. यही वजह है कि वो थोड़ा बहुत जूझते हुए नजर आते हैं.. अश्विन को इस बात का एहसान कराना होगा कि उनके इर्द गिर्द जो लोग हैं वो उनपर भरोसा करते हैं.”

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गावस्‍कर ने कहा, “मुझे लगता है कि हमेशा उन्‍हें थोड़ा बहुत तुलना का शिकार होना पड़ता है. जब हम ऑस्‍ट्रेलिया में खेल रहे होते हैं तो उन्‍हें नेथन लियोन से तुलना का सामना करना पड़ता है, लेकिन लियोन वहां शानदार प्रदर्शन भारतीय बल्‍लेबाजों के खिलाफ कर रहा होता है. इसी तरह इंग्‍लैंड में मोइन अली 6-7 विकेट निकाल लेता है तो आप कहते हैं कि अश्विन ने कोई विकेट नहीं ली. ऐसा होता है.”

गावस्‍कर ने कहा, “ऐसा खिलाड़ी जो 350 से ज्‍यादा विकेट ले चुका हो उसे इस तरह से साइडलाइन नहीं किया जा सकता है.”