नई दिल्ली : पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने कहा कि लगातार रन नहीं बनाने के बावजूद महेंद्र सिंह धोनी की टीम में अहमियत का आकलन नहीं किया जा सकता. गावस्‍कर ने माना कि धोनी के प्रदर्शन में कंसिस्‍टेंसी की कमी को भी स्‍वीकार किया जाना चाहिए क्‍योंकि टीम में उनकी भूमिका खिलाड़ी और विकेटकीपर बैट्समैन से बढ़कर है.

धोनी ने एडीलेड में दूसरे वनडे मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच जिताऊ अर्धशतकीय पारी खेली, जिसमें उन्होंने अंतिम ओवर में छक्का भी जड़ा जो उनकी पारियों का ट्रेडमार्क रहा है. इस पारी ने उन पर से दबाव भी कम किया.

गावस्‍कर ने कहा, ‘‘कृपया इस खिलाड़ी को छोड़ दीजिए.’’ गावस्कर ने कहा, ‘‘मैं प्रार्थना करता हूं कि इस खिलाड़ी को अकेला छोड़ दिया जाए और वह अच्छा करना जारी रखेगा. वह भी जवान नहीं हो रहा. इसलिए कम उम्र में जो कंसिस्‍टेंसी रहती है, वो निश्चित रूप से नहीं होगी और आपको इसे सहना होगा.’’

भारतीय क्रिकेट में इस समय दो बार के विश्व कप विजेता पूर्व कप्तान का भविष्य सबसे ज्यादा चर्चित विषय है लेकिन गावस्कर को लगता है कि वह बेहतर के हकदार हैं. इस महान बल्लेबाज ने कहा, ‘‘इस थोड़ी सी अनिरंतरता को सहना होगा. लेकिन वह टीम के लिए अब भी काफी अहम हैं. आप उनकी अहमियत का आकलन नहीं कर सकते.’’

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गावस्कर ने कहा, ‘‘वह लगातार गेंदबाजों को बताता रहता है कि वो विशेष गेंद फेंको, बल्लेबाज क्या करने की कोशिश कर रहा है. उसे अंदाजा हो जाता है कि बल्लेबाज क्या सोच रहा है…बल्लेबाज क्या करने की कोशिश कर रहा है…क्या वह किसी तरह का शॉट लगाने की कोशिश कर रहा है?’’

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उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह की चीजों में धोनी गेंदबाजों की मदद करता है और निश्चित रूप से फील्ड सजाने में भी. अंतिम ओवरों में विराट डीप में फील्डिंग करता है.’’ गावस्कर ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि विराट के लिए गेंदबाजों के साथ बात करना या स्क्वायर क्षेत्ररक्षकों के साथ सांमजस्य बिठाना संभव नहीं है. यहीं पर विराट को धोनी पर पूरा भरोसा होता है.’’