न्यूजीलैंड (New Zealand) के खिलाफ दूसरे वनडे में हारकर भारतीय टीम तीन मैचों की सीरीज में 0-2 से पिछड़ गई है। ऑकलैंड में खेले गए इस मैच में टीम इंडिया (Team India) की हार की बड़ी वजह रही खराब फील्डिंग। Also Read - Yuzvendra Chahal के पिता कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद अस्‍पताल में भर्ती, पत्‍नी Dhanashree ने दी जानकारी

टॉस जीतकर कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने न्यूजीलैंड को पहले बल्लेबाजी का मौका दिया और भारतीय गेंदबाजों ने 187 रन पर सात विकेट निकाल लिए थे लेकिन टीम के सीनियर बल्लेबाज रॉस टेलर (Ross Taylor) की शानदार पारी के दम पर कीवी टीम 273 स्कोर तक पहुंच सकी और आखिर में टीम इंडिया को 22 रन से हराया। Also Read - Sunil Gavaskar का बड़ा बयान, कहा- Rishabh Pant बनेंगे टीम इंडिया के कप्तान

गौरतलब है कि 14वें ओवर में युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) ने ने अपने ही ओवर में हैनरी निकोलस का कैच छोड़ा। निकोलस ने पहला जीवनदान मिलने के बाद 59 गेंदो पर 41 रन की पारी खेली। हालांकि 17वें ओवर में चहल ने ही एलबीडब्ल्यू आउट किया लेकिन इसके बावजूद पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने चहल की खराब फील्डिंग के लिए उनकी आलोचना की। Also Read - BCCI ने Virat Kohli एंड कंपनी को दी बड़ी राहत, इंग्‍लैंड दौरे पर परिवार को भी ले जा सकेंगे साथ

मैच के बाद पूर्व दिग्गज ने कहा, “11 में से 10 बार ये मैच पकड़ा जाना चाहिए था, 11 में 10 बार। आप बल्लेबाजों को सेट होने के मौके नहीं दे सकते हैं।”

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गावस्कर की इस प्रतिक्रिया के पीछे केवल एक ड्रॉप कैच नहीं बल्कि पूरी सीरीज में भारतीय फील्डर्स का औसत प्रदर्शन है। हैमिल्टन में खेले गए पहले वनडे मैच रिस्ट स्पिनर कुलदीप यादव ने 10 रन बनाकर खेल रहे टेलर का कैच छोड़ा था, जिन्होंने 107 रन की मैचविनिंग पारी खेली थी।

पहले वनडे के बाद टीम इंडिया के फील्डिंग कोच आर श्रीधर ने भी यही कहा था कि कुलदीप को वो कैच पकड़ना चाहिए था।