सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन और पूर्व सचिव निरंजन शाह को 26जून को हुई बोर्ड की एजीएम में राज्यों के प्रतिनिधियों के तौर पर भाग लेने के लिए नोटिस जारी किया है. साथ ही कोर्ट ने अवमानना मामले में पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर की बिना शर्त माफी को स्वीकार कर लिया है. कोर्ट ने श्रीनिवासन और निरंजन शाह को बीसीसीआई एजीम में भाग लेने के लिए नोटिस जारी किया है.

ये दोनों ही 70 वर्ष से ज्यादा के हैं और लोढ़ा कमिटी की सिफारिशों के अनुसार बीसीसीआई में कोई पद धारण नहीं कर सकते लेकिन बावजूद इसके इन दोनों ने बोर्ड की एजीएम में हिस्सा लिया था. बोर्ड की एजीएम में सिर्फ बोर्ड के राज्यों के प्रतिनिधि ही हिस्सा ले सकते हैं.

इस मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी. वहीं कुछ संघटनों द्वारा श्रीनिवासन और शाह को बोर्ड के स्थाई सदस्यों के तौर पर पूर्णतया प्रतिबंधित किए जाने की याचिका पर 5 सितंबर को सुनवाई होगी.

वहीं सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट में शपथ लेकर झूठ बोलने और अवमानना के मामले में पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के बिना शर्त माफीनामे को स्वीकार कर लिया है. कोर्ट ने कहा, ‘हम अनुराग के माफीनामे को स्वीकार करते हैं जोकि दिल से दिया गया प्रतीत होता है.’

अनुराग ठाकुर को 7 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने बिना शर्त माफीनामा दाखिल करने को कहा था. अनुराग ने इसके बाद दाखिल अपने माफीनामें जो भी हुआ वह गलत सूचना और गलतफहमी की वजह से हुआ और वह बिना शर्त माफी मांगते हुए कहा था कि उनका उद्देश्य कभी भी कोर्ट की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का नहीं था.

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर के खिलाफ इस साल 2 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई की स्वायत्ता के मुद्दे पर आईसीसी को पत्र लिखने के बाद उनके खिलाफ अवमानाना का मामला शुरू किया था.

कोर्ट ने ठाकुर को पत्र लिखने के मामले में ठाकुर के खिलाफ अवमानना और झूठा हलफनामा दाखिल करने के लिए झूठी गवाही का केस दर्ज किया था. ठाकुर ने इस मामले में 6 मार्च को बीसीसीआई के सामने बिना शर्त माफी मांगी थी और कहा था कि उनका इरादा कभी भी कोर्ट के सामने कोई झूठी जानकारी देने का उद्देश्य नहीं था.