भारतीय क्रिकेट टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने सीमित ओवर फॉर्मेट में सफलता मिली है लेकिन टेस्ट फॉर्मेट में उन्हें उस तरह की सफलता हासिल नहीं हो सकी। हालांकि इसके बावजूद टेस्ट फॉर्मेट हर खिलाड़ी के लिए खास होता है, टीम इंडिया के मध्यक्रम बल्लेबाज सुरेश रैना (Suresh Raina) भी इससे अलग नहीं है। Also Read - 'आने वाले दस साल में चेन्नई सुपर किंग्स टीम के बॉस होंगे महेंद्र सिंह धोनी'

रैना ने भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने के पूरे पांच साल बाद टेस्ट क्रिकेट में कदम रखा था। 2005 में हुए वनडे डेब्यू में वो पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गए थे जबकि टेस्ट में 2010 में किए डेब्यू मैच की पहली ही पारी में 120 रन बनाए थे। Also Read - सौरव गांगुली: मुझे खुशी है कि भारतीय क्रिकेट को एमएस धोनी जैसा अविश्वसनीय खिलाड़ी मिला

रैना ने भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा के शो आकाशवाणी पर कहा, “युवा पा (युवराज सिंह) ने मुझे टेस्ट मैच के पहले वाली रात को बुलाया और कहा कि मैं ठीक नहीं हूं तो तुम तैयार रहना। उन्होंने कहा कि मौका है जो तुम खेल सकते हो। उनके शायद पेट में परेशानी थी या फूड इन्फेक्शन था इसलिए वो नहीं खेले।” Also Read - नहीं होगा टी20 विश्व कप; इंग्लैंड दौरे की तैयारी में जुटी ऑस्ट्रेलिया टीम

रैना ने कहा, “मैं पूरी रात सो नहीं सका था क्योंकि श्रीलंका में काफी गर्मी थी। उनकी टीम में काफी बड़े नाम थे और वो मेरा पहला टेस्ट मैच होने वाला था।”

रैना ने कहा कि वह इस बात से काफी खुश थे कि भारत ने पहले गेंदबाजी की क्योंकि इससे उन्हें मैदान पर समय मिल गया। उन्होंने कहा, “अच्छी बात थी कि हम टॉस हार गए और हमें फील्डिंग करनी पड़ी। इसलिए मैंने पहले दो दिन चीजों को देखा और जब मेरी बल्लेबाजी आई तो मैं तैयार था। अगर हम पहले बल्लेबाजी करते तो शायद मैं वनडे पदापर्ण की तरह शून्य पर आउट हो जाता।”