बीते करीब दो साल से भारतीय टीम से बाहर चल रहे बांए हाथ के बल्‍लेबाज सुरेश रैना (Suresh Raina) और क्रिकेट से संन्‍यास ले चुके उनके साथ इरफान पठान (Irfan Pathan) का मानना है कि उन्‍हें विदेशी लीग में खेलने का मौका मिलना चाहिए. बीसीसीआई अपने खिलाड़ियों को विदेशी लीग में खेलने की इजाजत नहीं देता. Also Read - अनिल कुंबले और वीवीएस लक्ष्मण ने इस साल IPL आयोजन की उम्मीद जताई, जानिए पूरी डिटेल

दोनों खिलाड़ियों ने इच्‍छा जताई कि कम से कम जिन खिलाड़ियों का बीसीसीआई से सेंट्रल कांट्रैक्‍ट नहीं है उन्‍हें विदेशी लीग में खेलने का मौका मिलना चाहिए. सुरेश रैना ने इरफान पठान (Irfan Pathan) के साथ इंस्‍टाग्राम चैट के दौरान ये बात कही. Also Read - ट्विटर पर अचानक ट्रेंड करने लगा #DhoniRetires, पत्नी साक्षी ने किया रिएक्ट

रैना (Suresh Raina) ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि बीसीसीआई आईसीसी और फ्रेंचाइजियों के साथ मिलकर इस बात को लेकर रणनीति बनाएगी कि जो खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम से अनुबंधित नहीं हैं उन्हें बाहर खेलने की मंजूरी दी जाए. कम से कम हमें दो अलग-अलग विदेशी लीगों में खेलने की अनुमति तो मिल ही सकती है. अगर हम विदेशी लीगों में अच्छा कर सके तो यह हमारे लिए अच्छा होगा. काफी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने इन लीगों में खेल कर वापसी की है.” Also Read - इरफान पठान की मदद से आईपीएल तक पहुंचा जम्मू-कश्मीर का क्रिकेटर टूर्नामेंट स्थगित होने से नाखुश

घरेलू क्रिकेट में इरफान पठान जम्मू एवं कश्मीर के कोच थे. उन्होंने कहा कि जब जम्मू एवं कश्मीर का प्रस्ताव उनके पास आया तो उस वक्‍त तीन लीगों के प्रस्ताव थे.

“जब जम्मू एवं कश्मीर टीम ने मुझसे बात की थी तब मेरे पास तीन लीग के प्रस्ताव थे. मैं पहली टीम का नाम नहीं लूंगा मैंने उन्हें साफ मना कर दिया था. दूसरा प्रस्ताव कैरिबियन प्रीमियर लीग (CPL) से था. मेरे हाथ में करार था बस मुझे मंजूरी लेनी थी और संन्यास लेना था. तीसरा प्रस्ताव टी10 लीग से था. मुझे सिर्फ संन्यास की घोषणा करनी थी. मैं उस समय नियमों को समझने के लिए बीसीसीआई के चक्कर लगा रहा था. लेकिन मुझे लगा कि जम्मू एवं कश्मीर क्रिकेट की सेवा करने से बेहतर कुछ नहीं है.”