केपटाउन। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करने वाले भारतीय बल्लेबाज सुरेश रैना इस मौके का पूरा फायदा उठाकर विश्व कप 2019 से पहले वनडे टीम में अपनी जगह फिर से हासिल करना चाहते हैं. रैना ने एक साल बाद टीम में वापसी की है और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले दो मैचों में उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी की, भले ही उनकी पारी लंबी नहीं खिंची. आगे टी20 का कार्यक्रम काफी व्यस्त है और ऐसे में उनके पास वनडे टीम में वापसी के लिए मौका रहेगा. रैना ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे और निर्णायक टी20 मैच की पूर्व संध्या पर कहा कि सबसे पहले ट्रॉफी जीतना महत्वपूर्ण है और मैच में टीम की मानसिकता के साथ उतरना अहम है. अगर आप शीर्ष क्रम पर गौर करो तो वे अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं. मध्यक्रम में महेंद्र सिंह धोनी और मनीष पांडे भी अच्छा खेल रहे हैं.

रैना ने कहा कि इसलिए हमें देखना होगा कि मैं कहां फिट बैठता हूं. आगे काफी मैच होने हैं. मैं किस प्रारूप में खेल रहा हूं इससे अधिक महत्वपूर्ण मैच जीतना है. अब मेरे लिए भारत का हर मैच महत्वपूर्ण है. मैं हमेशा टीम के लिये खेलता हूं और व्यक्तिगत प्रदर्शन पर इसके बाद गौर करता हूं. मुझे जब भी मौका मिला मैंने अपना नैसर्गिक खेल खेलने पर ध्यान दिया. मैं टीम के समर्थन का लुत्फ उठाता हूं और इससे मुझे अपने खेल में सुधार करने में मदद मिलती है.

‘बड़े भाई, तू कहे तो अपनी जान दे दूं’, दूसरे T20 से पहले सुरेश रैना का बड़ा बयान

रैना ने कहा कि आक्रमकता जरूरी है. विराट कोहली ने यह भरोसा मुझ पर दिखाया है. पिछले दो मैचों में पहले छह ओवरों में हमारा दबदबा रहा. पहले छह ओवरों में खेलना महत्वपूर्ण है. जब आपको बड़ा लक्ष्य हासिल करना हो या बड़ा स्कोर बनाना हो तो पहले छह ओवरों में आपको जोखिम लेना होता है और बल्लेबाजी इकाई के तौर पर हमने ऐसा किया. रैना ने कहा कि भारत दौरे का जीत के साथ अंत करना चाहता है. हमने टीम बैठक में भी इस पर बात की. जब आप हर मैच में अच्छा प्रदर्शन करते हो तो आपको अंत भी अच्छा करना होता है. विराट का यही मानना है. वह कभी किसी चीज को आसानी से नहीं लेता और इसके अलावा आपके साथ धोनी और रवि (शास्त्री) भाई हैं जो खिलाड़ियों को सलाह देते हैं.

रैना की जोरदार वापसी

करीब एक साल बाद टीम में वापसी कर रहे रैना ने पहले टी 20 में 7 गेंदों पर 15 रनों की तेज पारी खेली, दूसरे मैच में भी उन्होंने 31 रन बनाए. खास बात ये रही कि पहले मैच में उन्होंने तीन कैच लपककर टीम की जीत में अहम भूमिका अदा की. रैना के सामने चुनौती है कि वह तीसरे मैच में बड़ा स्कोर कर टीम में अपनी दावेदारी और पुख्ता करें. पहले से काफी फिट नजर आ रहे रैना ने भले बड़ी पारी ना खेली हो, लेकिन उनकी बल्लेबाजी आत्मविश्वास भरी नजर आ रही थी और मैदान पर वह काफी चुस्त नजर आ रहे थे. रैना को यो यो टेस्ट में फेल होने के कारण टीम में जगह नहीं मिली थी. उन्होंने घरेलू सर्किट में मुश्ताक अली टी 20 टूर्नामेंट में ताबड़तोड़ सेंचुरी तो जड़ी ही, बाद में यो यो टेस्ट पास कर टीम में वापसी की. रैना ने इस बात का भी अफसोस जताया कि अच्छे प्रदर्शन के बावजूद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया.