नई दिल्ली. क्रिकेट में धमाके तो खूब दिखे हैं पर शारजाह के मैदान पर नॉर्दर्न वॉरियर्स के दो बल्लेबाजों आंद्रे रसेल और रोवमैन पॉवेल ने जो कर दिखाया, वैसे धमाके कम ही देखने को मिलते हैं. फाइनल मुकाबले में जब वॉरियर्स के इनफॉर्म ओपनर निकोलस पुरण नहीं चल सके तो गेंद को ठीकाने यानी कि स्टेडियम की छत पर भेजने का जिम्मा उठाया रसेल और पॉवेल ने. दोनों बल्लेबाजों ने ऐसा धमाका किया कि देखने वाले बस दांतों तले अंगुलियां दबाते रह गए.

रसेल का तूफान

आंद्रे रसेल ने आतिशी बल्लेबाजी की नुमाइश की. उन्होंने 316.66 की स्ट्राइक रेट से बल्ला घुमाते हुए सिर्फ 12 गेंदों पर 38 रन ठोके. रसेल की इस धमाकेदार पारी में 4 छक्के और 3 चौके शामिल रहे. बल्ले से हलचल मचाकर रसेल जब पवेलियन लौटे तो दूसरे छोर पर खड़े रोवमैन पॉवेल शुरू हो गए.

रोवमैन पॉवेल वैसे तो चौके छक्कों की बारिश पहले से ही कर रहे थे लेकिन रसेल के आउट होने के बाद उन्होंने इसमें थोड़ी तेजी ला दी. उन्होंने 244 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 18 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया और अंत तक नाबाद रहते हुए 25 गेंदों पर 61 रन बनाए. रसेल की ही तरह पॉवेल की पारी में भी 4 छक्के शामिल रहे, जबकि 8 चौके लगाए.

रसेल और पॉवेल का धमाका

रसेल और पॉवेल की बल्लेबाजी का तूफान नॉर्दर्न वॉरियर्स के लिए कितना अहम रहा इसका अंदाजा इस आंकड़े से लगाया जा सकता है. नॉर्दर्न वॉरियर्स की पारी में कुल 11 छक्के और 14 चौके लगे लेकिन इनमें से 8 छक्के और 11 चौके सिर्फ इन दो बल्लेबाजों ने मिलकर लगाए. इसके अलावा दोनों ने तीसरे विकेट के लिए धुआंधार अर्धशतकीय साझेदारी को भी अंजाम दिया