मुंबई। पूर्व क्रिकेटर वीरेन्द्र सहवाग ने ओलंपिक में क्रिकेट को शामिल किए जाने का समर्थन करते हुए गुरुवार को कहा कि चार साल में होने वाले खेलों के इस महाकुंभ के लिए टी10 (10-10 ओवर का मैच) प्रारूप उपयुक्त रहेगा. अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए मशहूर सहवाग ने कहा कि जब हम ओलंपिक में क्रिकेट की बात करते है तो मुझे लगता है टी10 सही प्रारूप होगा. क्योंकि मैच 90 मिनट में खत्म हो जाएगा, यह फुटबाल मैच की तरह होगा और नतीजे भी आएंगे. अगर आईसीसी अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति से क्रिकेट के बारे में बात करती है तो मुझे लगता है कि यह सही प्रारूप होगा.
सहवाग 14 से 17 दिसंबर तक संयुक्त अरब अमीरात में खेली जाने वाली टी10 क्रिकेट लीग में ‘मराठा अरेबियंस’ टीम की कप्तानी करेंगें जिसमें श्रीलंका के कुमार संगाकारा के अलावा पाकिस्तान के मोहम्मद आमिर और कामरान अकमल भी हिस्सा लेंगे. इस कार्यक्रम में गुरुवार को टीम की जर्सी को जारी किया गया. सहवाग ने कहा कि वह टी10 प्रारूप का समर्थन इसलिए भी कर रहे हैं क्योंकि इससे ज्यादा देश क्रिकेट से जुड़ेंगे. एक या दो मैच विजेता खिलाड़ियों के दम पर नतीजा आएगा और संघर्षपूर्ण मैच होगा.
उन्होंने कहा कि मैं इसका समर्थन करता हूं क्योंकि इससे ज्यादा देश क्रिकेट से जुड़ेंगे और एक बल्लेबाज या एक गेंदबाज अपने दम पर मैच जिता सकता है. इसलिए हर देश से ऐसे एक-दो खिलाड़ी निकल सकते हैं जो अपने दम पर टी10 मैच जिता सकते हैं.
क्रिकेटर से कमेंटेटर बने सहवाग ने कहा कि अब आईसीसी को सोचना है कि इसे ओलंपिक समिति के सामने रखे या नहीं. सभी छोटे देश भी जो टेस्ट मैच, चार दिवसीय, एक दिवसीय या टी20 क्रिकेट खेलते हैं वह टी10 क्रिकेट खेल सकते हैं और ओलंपिक का हिस्सा हो सकते हैं. इस मौके पर क्रिकेटरों के वेतन में बढ़ोतरी से जुड़े सवाल का जवाब देने से उन्होंने मना कर दिया.
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