नई दिल्ली. भारत और न्यूजीलैंड के बीच T20 सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला आज हैमिल्टन में है. 3 T20 मैचों की सीरीज फिलहाल 1-1 से बराबर होने की वजह से जो भी टीम आज जीतेगी, सीरीज पर उसका कब्जा होगा. लेकिन, टीम इंडिया के लिए, कप्तान रोहित शर्मा के लिए इस मुकाबले की अहमियत जीत से कहीं बढ़कर है. हैमिल्टन में वो जीत के साथ सीरीज पर कब्जा तो चाहेंगे ही साथ ही ऐसा करते हुए ’92 का बदला’ भी लेना चाहेंगे. अब आप सोच रहे होंगे कि ये ’92 का बदला’ क्या है. तो हम आपको बता दें कि इसका ताल्लुक साल 1992 से न होकर दोनों टीमों के बीच खेले वनडे सीरीज के चौथे मुकाबले से हैं. Also Read - New Zealand Women vs Australia Women: तीसरे वनडे में जीत हासिल कर ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड को क्लीन स्वीप किया

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92 का ‘बदला’ लेगा भारत!

भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज का चौथा मुकाबला हैमिल्टन में ही खेला गया था. ये न्यूजीलैंड दौरे पर रोहित की कमान में खेला गया पहला मुकाबला था. इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह सिर्फ 92 रन पर ढह गई थी, जो कि कीवियों के खिलाफ वनडे में उसका दूसरा सबसे लोएस्ट टोटल था. अब टीम इंडिया का कारवां न्यूजीलैंड दौरे के अपने अंतिम पड़ाव पर एक बार फिर से हैमिल्टन में है. फॉर्मेट अलग जरूर है लेकिन रोहित एंड कंपनी के पास वनडे में उस 92 रन के लगे दाग का बदला लेने का सुनहरा मौका है.

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एक जीत से दो झटके देने का इरादा

हैमिल्टन वनडे में 92 रन पर ढेर होने की वजह से भारत को उस मुकाबले में 8 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था और इसकी बदौलत वनडे सीरीज में वो क्लीन स्वीप से चूक गए थे. लेकिन, इस बार हैमिल्टन में हारना नहीं हराना है. टीम इंडिया का इरादा T20 सीरीज का आखिरी मैच जीतकर हिसाब बराबर करना है और सीरीज पर कब्जा कर कीवियों को दोहरा झटका देना है,