नई दिल्ली. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 5 वनडे मैचों की सीरीज का आखिरी मुकाबला दिल्ली में खेला जाएगा. इस मुकाबले के दिलचस्प होने की फुल गारंटी है और इसकी वजह है इसके जरिए सीरीज के सम्राट का फैसला होना. बता दें कि भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज फिलहाल 2-2 की बराबरी पर है. मतलब ये कि जो टीम दिल्ली जीतेगी, सीरीज उसकी होगी. दिल्ली भारतीय कप्तान विराट कोहली का अपना गढ़ है और अपने कुनबे में वो किसी भी कीमत पर इस सीरीज को मिस नहीं करना चाहेंगे. घरेलू मैदान पर खेलते हुए विराट की कोशिश इस बात पर होगी कि उनकी टीम शतक जमाए या न जमाए पर जीत के 2 अर्धशतक को लगाने के लिए पूरा जोर लगा दे. जी हां, जीत का 2 अर्धशतक जो भारत के सीरीज जीतने की असली वजह बन सकता है.

जीत का पहला अर्धशतक

अब जरा समझिए कि जीत के ये 2 अर्धशतक आखिर हैं क्या. तो, पहला अर्धशतक ये होगा कि अगर टीम इंडिया दिल्ली वनडे जीतती है तो ये विराट कोहली की कप्तानी में उसकी 50वीं वनडे जीत होगी. विराट की कमान में भारत ने अब तक 67 वनडे खेले हैं जिसमें 49 जीते और 16 हारे हैं. वहीं 1 मुकाबला टाई और 1 बेनतीजा रहा है. साफ है अपनी कप्तानी में विराट का रिकॉर्ड दुरुस्त है. उन्होंने जितने मुकाबले गंवाए नहीं है उससे ट्रिपल जीते हैं.

जीत का दूसरा अर्धशतक

अब जरा जीत के दूसरे अर्धशतक का रहस्य भी समझ लीजिए. भारत अगर ऑस्ट्रेलिया को दिल्ली वनडे में हरा देता है तो ये वनडे क्रिकेट में कंगारू टीम पर उसकी 50वीं जीत होगी. भारत ने ऑस्ट्रेलिया से अबतक 135 वनडे खेले हैं जिसमें 49 जीते और 76 हारे हैं. जबकि, 10 मुकाबला बेनतीजा रहा है. बेशक ये ओवरऑल रिकॉर्ड भारत के दिल्ली जीतने की ओर इशारा नहीं करता लेकिन कोहली की कप्तानी में ऐसा करना असंभव नहीं है. भारत ने कोहली की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया से 12 वनडे खेले हैं जिनमें 8 जीते और सिर्फ 4 ही गंवाए हैं.

दिल्ली में सीरीज फतह की फुल गारंटी!

जीत के इन 2 अर्धशतकों के साथ टीम इंडिया दिल्ली जीतकर सीरीज सील करेगी इस बात की भी पूरी उम्मीद है. दरअसल, इसकी 2 वजहें हैं. एक तो कोटला पर ऑस्ट्रेलिया का खराब प्रदर्शन और दूसरा इस मैदान पर उसके खिलाफ भारतीय दबदबे का इतिहास. ऑस्ट्रेलिया ने कोटला पर खेले 5 वनडे में सिर्फ 2 ही अब तक जीते हैं. यानि, 3 में उसे मुंह की खानी पड़ी है. वहीं भारत और ऑस्ट्रेलिया कोटला पर आपस में 4 बार भिड़े, जिसमें 3 बार बाजी टीम इंडिया के नाम रही तो वहीं सिर्फ 1 मौके पर ऑस्ट्रेलिया जीता.