नई दिल्ली. सिडनी टेस्ट में टीम इंडिया अगर फ्रंटफुट पर है, ऑस्ट्रेलिया हार के करीब है, तो इसकी बड़ी वजह है पाकिस्तान. उसके वो 3 तेज गेंदबाज जिन्होंने अपनी धारदार गेंदबाजी पर भारतीय बल्लेबाजों को ऑस्ट्रेलियाई पेस अटैक का सामना करने का जोरदार अभ्यास कराया. दरअसल, मेलबर्न टेस्ट की दूसरी पारी में पैट कमिंस की रफ्तार पर जिस तरह से भारतीय बल्लेबाजों का बुरा हाल हुआ था, उसने टीम इंडिया के बैटिंग कोच संजय बांगड़ को भी टेंशन में डाल दिया था. सिडनी में बांगड़ को इस टेंशन का इलाज चाहिए था लिहाजा उन्होंने इसके लिए अपनी टीम के पेस अटैक के दमदार होने के बावजूद पाकिस्तान से हाथ मिलाया और उसके 3 तेज गेंदबाजों सलमान इरशाद, हैरिस राउफ और अब्बास बल्कोच को हायर किया. संजय बांगड़ को पाकिस्तानी तेज गेंदबाजों की मदद लेने में ऑस्ट्रेलिया में मौजूद उनके दोस्त और क्रिकेट कोच संजीव दुबे ने मदद की.

सिडनी में ‘पाकिस्तान’ के साथ से बनी बात

सिडनी टेस्ट के शुरू होने से पहले पाकिस्तान के तीनों तेज गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों के साथ नेट्स पर घंटो पसीना बहाया था. ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट एकेडमी चलाने वाले संजीव दुबे ने बताया, ” सलमान और हैरिस पाकिस्तान सुपर लीग में लाहोर क्वालैंडर्स की ओर से खेलते हैं, जिनकी गेंदों की रफ्तार 145+ kmph हैं.” नेट्स पर पाकिस्तानी तेज गेंदबाजों के कराए अभ्यास की बदौलत ही भारतीय बल्लेबाज सिडनी टेस्ट की पहली पारी में 600+ का टोटल खड़ा करने में कामयाब रहे, जिस वजह से वो अब इस टेस्ट मैच में जीत की राह पर भी हैं.

कमिंस और स्टार्क का तोड़ बने ‘पाक’ गेंदबाज

हैरिस और सलमान की गेंदों का सामना करने बाद भारतीय बल्लेबाजों को सिडनी टेस्ट में पैट कमिंस का सामना करने में परेशानी नहीं हुई. ठीक इसी तरह तीसरे पाकिस्तानी तेज गेंदबाज अब्बास बल्कोच ने टीम इंडिया को स्टार्क के खतरे से निपटने में मदद की. पाकिस्तान में जन्में पर ऑस्ट्रेलिया में प्रोफेशनल क्रिकेट खेलने वाले अब्बास ने बताया, ” उन्होंने स्टार्क को ध्यान में रखकर ही नेट्स पर भारतीय बल्लेबाजों को अभ्यास कराया. ” उन्होंने कहा, ” भारतीय टीम के नेट प्रैक्टिस में शामिल होकर कोहली को गेंदबाजी करने का मेरा सपना भी साकार हो गया. जब हम गेंदबाजी कर रहे थे तो दूसरे छोर से खड़े होकर रवि शास्त्री और विराट कोहली हमारी गेंदबाजी की सराहना भी कर रहे थे. “