नई दिल्ली : भारत का न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया दौरा खत्म हो चुका है. अब वर्ल्ड कप 2019 से पहले टीम इंडिया को सिर्फ 5 वनडे मैच खेलने हैं. ये पांच मुकाबले खिलाड़ियों के लिए काफी अहम होंगे, क्योंकि इसके बाद पता चला जायेगा कि भारत ने वर्ल्ड कप के लिए किसे-किसे टीम में शामिल किया है. टीम इंडिया के बॉलिंग अटैक को देखें तो इसमें 3 फास्ट बॉलर्स संभवत: तय हैं. इनमें जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार के साथ मोहम्मद शमी शामिल हैं. भारत अपनी टीम में चार फास्ट बॉलर्स को शामिल करेगा. अब दौड़ चौथे नंबर के लिए है, जिसमें खलील अहमद और उमेश यादव जैसे कुछ और बॉलर्स शामिल हैं.

वर्ल्ड कप के लिहाज से देखें तो भारत के पास अब काफी कम वक्त बचा है और इस बचे हुए वक्त में उसे टीम की घोषणा करनी है. ऐसे में अगर फास्ट बॉलिंग अटैक को देखें तो भुवी और बुमराह के नाम तय हैं. ये स्टार बॉलर्स अनुभवी होने के साथ-साथ फॉर्म में भी चल रहे हैं. भुवी की बात करें तो उन्होंने इस साल खेले 8 वनडे मैचों में 15 विकेट झटके. इस दौरान उन्होंने 4.98 की इकॉनमी से रन दिए. जबकि बुमराह ने इस साल अभी तक वनडे नहीं खेला है. उन्हें आराम दिया गया था. लेकिन बुमराह प्रदर्शन पर नजर डालें तो उन्होंने साल 2018 में खेले 13 मैचों में 22 विेकेट झटके. लिहाजा ये दोनों बॉलर्स वर्ल्ड कप में भारत के लिए अहम भूमिका निभायेंगे.

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बात अगर मोहम्मद शमी की करें तो उनके लिए साल 2019 की शुरुआत प्रभावी रही. शमी ने 7 वनडे मुकाबलों में 14 विकेट झटके. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया. शमी ने 3 मैचों में 5 विकेट लिए. अगर साल 2018 और 2017 की बात करें तो यहां वो कुछ खास नहीं कर पाए. जबकि साल 2016 में वो भारतीय टीम से पूरी तरह बाहर रहे. हालांकि अगर आंकड़ों को देखेंगे गलती हो जायेगा. क्यों कि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ बुमराह की कमी नहीं खलने दी. बुमराह को आराम दिया गया. ऐसे में शमी टीम के मेन बॉलर के रूप में खेले.

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शमी से जुड़ा एक दिलचस्प तथ्य यह है कि वो नई और पुरानी दोनों ही गेंदों से कमाल का प्रदर्शन करते हैं. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ कई मौकों पर भुवनेश्वर की मदद की और दबाव को कम किया. शमी ने विेकेट लेने का रास्ता भी आसान किया. इससे टीम के साथी बॉलर्स को मदद मिली. लिहाजा बुमराह और भुवी के साथ-साथ शमी की जगह भी लगभग निश्चित है.

भारत के चौथे पेसर की बात करें तो इसमें खलील अहमद की संभावनाएं ज्यादा नजर आतीं हैं. खलील ने पिछले कुछ मैचों में प्रभावी प्रदर्शन किया है. जबकि उमेश यादव भी विकल्प के रूप में मौजूद हैं. उमेश ने घरेलू मैचों में अच्छी बॉलिंग की है. खलील की बात करें तो उन्होंने भारत के लिए अब तक 8 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें 11 विकेट लिए हैं. जबकि 9 टी-20 मैचों में 10 विकेट झटके हैं. हालांकि इनके अलावा कुछ और खिलाड़ी भी ऑप्शन के रूप में सामने आ सकते हैं.