नई दिल्ली. भारतीय बल्लेबाजों के लिए मेलबर्न टेस्ट की पहली पारी जितनी धमाकेदार रही, दूसरी पारी में हाल उतना ही डांवाडोल दिखा. टीम इंडिया की ओपनिंग जो खराब हुई सो हुई मिडिल ऑर्डर ने भी बड़ी आसानी से सरेंडर कर दिया. जी हां, वही मिडिल ऑर्डर जो पुजारा, विराट, रहाणे और रोहित जैसे बड़े दबंगो को मिलाकर बनता है. टीम इंडिया के इस मिडिल ऑर्डर ने मेलबर्न टेस्ट की पहली पारी में 1 शतक और 2 अर्धशतक की स्क्रिप्ट लिखी थी. लेकिन, दूसरी पारी इनका हाल क्या हुआ जरा वो देखिए.

पैट कमिंस और जोश हेजलवुड के प्रहारों से न पुजारा बच पाए, न विराट, न रहाणे और न ही रोहित शर्मा. कमिंस और हेजलवुड ने दूसरी पारी में इन भारतीय सूरमाओं की हालत इतनी पतली कर दी कि ये सभी मिलकर रनों में दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके. पुजारा और कोहली तो खाता भी नहीं खोल सके वहीं रहाणे ने 1 रन जबकि रोहित ने 5 रन बनाए.

72 साल पुराना शर्मनाक रिकॉर्ड दोहराया

यानी, कुल मिलाकर भारतीय मिडिल ऑर्डर ने मेलबर्न टेस्ट की दूसरी पारी में सिर्फ 6 रन बनाए, जो कि 72 साल पुराने शर्मनाक भारतीय रिकॉर्ड की बराबरी है. दूसरे लहजे में कहें तो मौजूदा टीम इंडिया ने उसे दोहराया है. दरअसल, टीम इंडिया ने ऐसा रिकॉर्ड पहली बार साल 1946 में पटौदी की कप्तानी में इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट में बनाया था.

सेहत पर असर नहीं पर सोचना बनता है

मैनचेस्टर टेस्ट के तीसरे दिन, आखिरी सेशन के खेल में कुल 8 विकेट गिरे जिसमें में 5 विकेट सिर्फ भारतीय बल्लेबाजों के रहे. हालांकि, पहली पारी में 292 रन की बड़ी बढ़त की वजह से टीम इंडिया की सेहत पर इसका असर नहीं पड़ा. लेकिन, इसने भारतीय बल्लेबाजों को सोचने पर मजबूर जरूर कर दिया है.