नई दिल्ली. रांची वनडे कई मायनों में खास है. लेकिन, जो सबसे खास बात है वो ये कि ये महेन्द्र सिंह धोनी का अपने होम ग्राउंड पर आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला हो सकता है. धोनी के उनके घरेलू मैदान पर आखिरी मुकाबले को और भी खास बनाती है आर्मी कैप, जो टीम इंडिया ने देश के वीर जवानों के लिए पहनी है. पिछले महीने पुलवामा हमले में भारत मां के जिन वीर सपूतों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए टीम इंडिया ने रांची वनडे में आर्मी कैप पहनकर उतरने का फैसला किया.

धोनी ने भेंट की आर्मी कैप

अपने होमटाउन में आखिरी इंटरनेशनल मैच खेलते हुए टीम इंडिया के खिलाड़ियों को आर्मी कैप खुद धोनी ने अपने हाथों से भेंट किए. बता दें कि धोनी भारत की टेरिटोरियल आर्मी नें लेफ्टिनेंट कर्नल भी हैं.

खास बात ये है कि आर्मी कैप सिर्फ मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों के सिर ही सजा नहीं दिखा बल्कि कमेंट्री बॉक्स में भारतीय कमेंटटरों के सिर की भी शोभा बढ़ाता नजर आया.

रांची वनडे के लिए कोई फीस नहीं

धोनी से आर्मी कैप मिलने के बाद टीम के कप्तान कोहली ने इसे पहनने का मकसद भी बताया. उन्होंने कहा कि टीम इंडिया रांची वनडे खेलने की कोई फीस नहीं लेगी और अपने मैच फीस को नेशनल डिफेंस फंड में जमा कराएगी.

रांची में टीम इंडिया के इस स्मार्ट मूव्स को बाकी क्रिकेटरों ने भी सराहा है.

धोनी बेशक इस वनडे के बाद रांची में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलते नहीं दिखें. लेकिन आर्मी कैप की वजह से घरेलू मैदान पर उनके आखिरी इंटरनेशनल मुकाबले को हमेशा याद किया जाएगा.