फारुख इंजीनियर (Farukh Engineer) के बाद अब युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने भी भारतीय क्रिकेट चयन समिति पर सवाल खड़े किए हैं. युवराज सिंह ने एमएसके प्रसाद (MSK Prasad) की अगुवाई वाली चयन समिति पर निशाना साधते हुए कहा कि हमें एक बेहतर समिति की जरूरत है.

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युवराज ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए एक सवाल के जवाब में कहा, “हमें बेहतर चयनकर्ताओं की जरूरत है. चयनकर्ताओं का काम काफी कठिन होता है. जब भी वे 15 खिलाड़ियों का चयन करेंगे तब ऐसी बातें होंगी कि उन 15 खिलाड़ियों का क्या होगा जिन्हें टीम में मौका नहीं मिला. यह मुश्किल काम है. आधुनिक क्रिकेट को लेकर चयन समिति की सोच उस स्तर की नहीं है जैसी होनी चाहिए थी.”

युवराज सिंह ने कहा, “मेरा मानना है कि खिलाड़ियों के हितों की रक्षा की जानी चाहिए. आप किसी खिलाड़ी या टीम के बारे में नकारात्मक सोच कर सही नहीं करेंगे.”

“आपके असली चरित्र का तभी पता चलता है जब खिलाड़ी का समय साथ नहीं देता है और आप खिलाड़ियों को प्रेरित करते हैं. बुरे समय में, हर कोई बुरी बात करता है. निश्चित रूप से हमें बेहतर चयनकर्ताओं की जरूरत है.”

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2011 विश्व कप में मैन ऑफ द टूर्नामेंट रहे युवराज सिंह ने कहा इस चयन समिति ने विश्व कप 2019 से पहले विजय शंकर को चुने जाने का आश्‍वासन दिया था, लेकिन बाद में उन्‍हें नहीं 15 सदस्‍यीय टीम का हिस्‍सा नहीं बनाया गया. यह गलत है. चयन समिति को ऐसा नहीं करना चाहिए.

युवराज सिंह विश्‍व कप 2011 में मैन ऑफ द सीरीज चुने गए थे. वो भारत के लिए 304 वनडे मैच खेल चुके हैं. युवराज ने कहा, “आप पहले विजय शंकर को खिलाते हैं और फिर उसे हटा देते हैं. आप ऐसे कैसे खिलाड़ी बनाएंगे? आप खिलाड़ी को 3-4 पारियां देकर नहीं बना सकते. आपको किसी को लंबे समय तक मौका देना होता है.”