एक जून से देश भर में जारी लॉकडाउन में रियायत मिलने के बावजूद बीसीसीआई (BCCI) भारतीय टीम के खिलाड़ियों के लिए एक अभ्यास कैंप का आयोजन नहीं कर पा रहा है। दरअसल देश के अंदर राज्यों के बीच यात्रा पर लगे प्रतिबंधों की वजह से खिलाड़ियों का एक राज्य में आकर अभ्यास कर पाना मुश्किल है। ऐसे में टीम इंडिया (Indian cricket team) के गेंदबाजी कोच भरत अरुण (Bharat Arun) ने खिलाड़ियों से अपने अपने राज्य के स्टेडियम में ही अभ्यास शुरू करने के लिए कहा है। Also Read - Delhi Covid-19 Latest Situation: कोविड-19 के बढ़ते मामलों के चलते दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, अब इन लोगों के लिए आवश्यक होगी रैपिड एंटीजन जांच

अरूण ने फैनकोड के ‘लॉकडाउन बट नॉट आउट’ में कहा, ‘‘आंशिक रूप से लॉकडाउन हट गया है लेकिन अंतर-राज्यीय यात्रा में समस्या होगी। खिलाड़ियों को अब अपने शहर के उपलब्ध मैदानों को दौड़ने के लिए इस्तेमाल करना होगा और इसके साथ वे कौशल निखारना भी इसमें शामिल कर सकते हैं।’’ Also Read - BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली ने T20 क्रिकेट को लेकर दिया बयान, बोले-यदि मैं भी खेल रहा होता तो करना पड़ता ये काम

अरूण ने कहा कि खिलाड़ियों को कम से कम डेढ़ महीना मैच फिटनेस हासिल करने में लगेगा और उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेलना शुरू करने से पहले बीसीसीआई एक टूर्नामेंट आयोजित करा दे तो अच्छा होगा। Also Read - मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस के गंभीर हालात के लिए पूर्व कांग्रेस सरकार जिम्मेदार: नरोत्तम मिश्रा

उन्होंने कहा, ‘‘हमें अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के लिए अभी कम से कम छह से आठ हफ्ते लगेंगे, इस दौरान हम पहले कौशल पर काम करेंगे और शिविर में फिटनेस पर ध्यान दिया जायेगा जिसे बाद हम मैच की परिस्थितियों के अनुसार अभ्यास पर प्रगति करेंगे। उम्मीद करते हैं कि बीसीसीआई हमारे अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने से पहले एक टूर्नामेंट आयोजित कर ले जो हमारे लिए शानदार होगा।’’

अरूण ने साथ ही कहा कि लॉकडाउन गेंदबाजों के लिए मामूली चोटों से उबरने और अपनी फिटनेस पर काम करने के लिए अच्छा मौका था।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं गेंदबाजों के बारे में चिंतित नहीं हूं क्योंकि उनके पास पिछले दो महीनों से काफी समय था जिसमें वे अपनी मजबूती और अपनी फिटनेस पर काम कर रहे थे। बहुत कम होता है कि एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर को, विशेषकर हमारे गेंदबाजों को अपनी फिटनेस पर काम करने के लिये इस तरह का समय मिले। उनके लिये मामूली चोटों से उबरने का शानदार मौका था।’’