भारतीय टीम (Team India) ने भले ही बांग्लादेश के खिलाफ हाल ही में खेले गए पहले डे-नाइट टेस्ट मैच में शानदार जीत हासिल की हो लेकिन कोच रवि शास्त्री (Ravi Shastri) को लगता है कि गुलाबी गेंद को और परखने की जरूरत है। Also Read - WTC फाइनल के लिए Sourav Ganguly ने सुझाई रणनीति, बताया टॉस जीतने पर क्या चुनें?

कोच ने कहा, “सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) और बंगाल क्रिकेट संघ (CAB) को इस आयोजन के लिए बधाई क्योंकि उन्होंने इस शानदार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। दर्शकों ने भी शानदार प्रतिक्रिया दी। लेकिन अगर आप क्रिकेट की बात करोगे, तो इसके अपने सकारात्मक और नकारात्मक पहलू हैं। गुलाबी गेंद कैसे अपने शाइन को बनाए रखती है, इसका टेक्सचर भविष्य में परखा जाएगा। मैच ने आपको दोनों पहलू दिए हैं।” Also Read - ज्यादा प्रभावशाली खिलाड़ियों की मदद से न्यूजीलैंड के खिलाफ WTC Final जीतेगी टीम इंडिया: सुनील गावस्कर

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि गेंद पर काम करने में समय लगेगा। इसे बनाने वाले इसे सही तरह से तैयार करने में समय लेंगे ताकि लोग इसे रात में अच्छे से देख सकें और जब ओस होगी तो इस पर क्या असर होगा। शाम के समय गेंद ज्यादा मूव होती है और आखिरी सेशन में ये बल्ले पर आती है और अपना रंग छोड़ने लगती है। इसे कैसे बदला जा सकता है और कैसे गुलाबी गेंद लाल गेंद की तरह सब कुछ संभालती है।” Also Read - WTC फाइनल की जगह क्‍यों नहीं आयोजित हुई तीन मैचों की सीरीज ? ICC ने पहली बार रखा अपना पक्ष

सभी फॉर्मेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है टीम इंडिया

बांग्लादेश के खिलाफ मिली जीत पर शास्त्री ने कहा कि विश्व कप की हार के बाद इस टीम ने दमदार वापसी की है जो इस टीम के बारे में काफी कुछ कहती है। कोच ने कहा, “मेरे लिए इस टीम ने जिस तरह से जुझारूपन दिखाया है वो बेहतरीन है। मैनचेस्टर में वो 15 मिनट के बाद से टीम ने दमदार वापसी की है। उसे पचा पाना आसान नहीं था। बीते तीन महीनों में टीम ने जो जुझारूपन दिखाया है वो अविश्वस्नीय है। इसलिए मैं कहता हूं कि अगर आप पांच-छह साल पीछे देखते हैं तो ये एक ऐसी टीम है जो सभी फॉर्मेट में निरंतर रही है।”

सौरव गांगुली को सबसे पहले शुभकामनाएं दी थी

भारत-बांग्लादेश के बीच खेला गया पहला डे-नाइट टेस्ट केवल पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के प्रयासों की वजह से मुमकिन हो सका। शास्त्री और गांगुली को ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खेले गए मैच के बाद एक दूसरे से हाथ मिलाते हुए देखा गया। शास्त्री ने कहा कि वो बोर्ड के इस नाजुक मोड़ पर पूर्व खिलाड़ी को बीसीसीआई का मुखिया देख बेहद खुश हैं।

पूर्व ऑलराउंडर खिलाड़ी ने कहा, “मुझे लगता है कि ये शानदार है। मैं उन चुनिंदा लोगों में से हूं जिन्होंने अध्यक्ष बनने के बाद उन्हें सबसे पहले मुबारकबाद दी थी। मैं सबसे ज्यादा इस बात से खुश हूं कि बीसीसीआई अपनी उस स्थिति में वापस आ गई है जहां उसे होना चाहिए था। चाहे वो मैदान से बाहर हो या अंदर। मैं इस बात से और खुश हूं कि एक क्रिकेटर भारतीय क्रिकेट की देखरेख में है। सौरव शानदार खिलाड़ी और कप्तान रहे हैं। वह एक प्रशासक भी रहे हैं। उनका अध्यक्ष बनना अहम बात है।”

एक दिन में सुपरस्टार नहीं बन सकते पंत

टीम के युवा खिलाड़ी रिषभ पंत को लेकर कई तरह की चर्चाएं होती आई हैं। पंत का लापरवाह रवैया इसका केंद्र रहा है। शास्त्री पंत से क्या कहते हैं? इस पर कोच ने कहा, “कुछ खास नहीं। सिर्फ इतना कि तुम युवा हो और कोई भी आपसे एक दिन में सब कुछ सीखने की उम्मीद नहीं करता। आप गलतियां करोगे, लेकिन जब तक आप बैठ कर इस बारे में सोचते रहोगे कि इन गलतियों को कैसे सुधारा जा सकता है तो, ये खेल यही आपको सिखाता है। आप एक दिन में सुपर स्टार नहीं बनते हो। आपके जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं। यही जिंदगी है, लेकिन अगर आप मेहनत करोगे तो बेहतर होगे।”