नई दिल्ली. अपनी जिंदगी में इंसान कई किरदार निभाता है. भारतीय क्रिकेट के लिए अजीत वाडेकर ने भी कई किरदार पहली बार निभाए, जिनमें एक क्रिकेटर के अलावा, कप्तान, कोच, मैनेजर और चीफ सलेक्टर का रोल शामिल रहा. लेकिन, हम यहां भारतीय क्रिकेट के उन ऐतिहासिक पलों और किस्सों के बारे में आपको बताने वाले हैं जिसके अगुआ अजीत वाडेकर थे. दूसरे लहजे में कहें तो जिसके वो पहले किरदार थे. Also Read - विराट नहीं तो रोहित शर्मा को करनी चाहिए सभी फॉर्मेट में कप्तानी: माइकल क्लार्क

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विदेशी धरती पर पहली जीत  Also Read - बेटे के आने से बदला हार्दिक का जिंदगी को देखने का नजरिया; भारतीय क्रिकेटर ने कही दिल की बात

टीम इंडिया ने घर से बाहर पहली सीरीज न्यूजीलैंड में साल 1967-68 में जीती. विदेशी धरती पर भारत को मिली इस पहली ऐतिहासिक कामयाबी के हीरो अजीत वाडेकर रहे, जिन्होंने वेलिंग्टन में 143 रन की मैच विनिंग पारी खेलते हुए टीम को जीत दिलाई थी.

वेस्टइंडीज में पहली जीत के कप्तान

1970-71 में वाडेकर को वेस्टइंडीज दौरे के लिए भारतीय टीम का कप्तान बनाया गया. और, अपनी कप्तानी के पहले विदेशी दौरे पर ही उन्होंने ऐतिहासिक जीत की इबारत लिखी. दिलीप सरदेसाई और डेब्यूडेंट सुनील गावस्कर की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने गैरी सोबर्स की विंडीज टीम के खिलाफ उसी के घर में पहली बार 1-0 से जीत दर्ज करते हुए इतिहास रचा.

इंग्लैंड में पहली जीत के कप्तान

अजीत वाडेकर की कप्तानी में 1970-71 में वेस्टइंडीज में पहली सीरीज जीत दर्ज करने के बाद भारत ने इसी साल इंग्लैंड में भी 1-0 से अपनी पहली टेस्ट सीरीज जीत दर्ज की. इंग्लैंड में मिली इस पहली बड़ी ऐतिहासिक कामयाबी में ओवल मैदान पर बीएस चंद्रशेखर के 38 रन देखर चटकाए 6 विकेटों का बड़ा हाथ रहा.

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भारतीय क्रिकेट के पहले ‘कैप्टन कूल’

सुनील गावस्कर के मुताबिक भारतीय क्रिकेट के पहले कैप्टन कूल महेन्द्र सिंह धोनी नहीं बल्कि अजीत वाडेकर थे. गावस्कर ने कहा, “मैंने कभी भी वाडेकर को गुस्से में या किसी को कुछ अपशब्द बोलते नहीं देखा. मैनें उनका टेंपर लूज होते नहीं देखा. मैं नहीं जानता धोनी उनसे कितना अलग है पर मेरे मुताबिक पहले कैप्टन कूल अजीत वाडेकर ही हैं.” बता दें कि वाडेकर की कप्तानी में ही गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट में पहली बार कदम रखा था.

… जब पहली बार सबसे कम स्कोर पर निपटा भारत

1974 के इंग्लैंड दौरे भारत जब पहली बार टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम स्कोर 42 रन पर ऑलआउट हुआ तो कप्तान अजीत वाडेकर ही थे. भारत का ये हाल लॉर्ड्स में खेले टेस्ट मैच में सीरीज के दूसरे टेस्ट में हुआ था. बता दें कि ये अभी भी टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया के लोएस्ट स्कोर का रिकॉर्ड है.

पहले हेड कोच

1992 में अजीत वाडेकर आधिकारिक तौर पर भारतीय टीम के पहले हेड कोच बने.