नई दिल्ली. मेलबर्न टेस्ट के नतीजे के साथ ही साल 2018 में भारतीय टीम का क्रिकेट अभियान भी थम गया. इस साल को अगर भारतीय क्रिकेट के तेज गेंदबाजों का साल कहें तो गलत नहीं होगा. हमारे ऐसा कहने की कई वजहें हैं और सबसे बड़ी वजह है साथ मिलकर टीम इंडिया के पेस अटैक का उस बुलंदी को चूमना जो अब तक दूर की कौड़ी बना था. इस साल टीम इंडिया के पेस अटैक ने सारे रिकॉर्डों को ओवरटेक किया है. पहली बार उसने अपनी सरजमीं से ज्यादा विदेशी सरजमीं पर दम दिखाया है. पहली बार उसने SENA कंट्री में अपने दमखम का जौहर दिखाया है. ऐसा हम सिर्फ यूं ही नहीं कह रहे बल्कि ये सबकुछ इस साल के इनके बनाए आंकड़ों से भी बयां होता है.

विराट की कप्तानी का रहा साल 2018 में ‘बोलबाला’, भारतीय क्रिकेट के हर बड़े रिकॉर्ड का टूटा ‘ताला’

ऐसा परफॉर्मेन्स पहले कहां

टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया के तेज गेंदबाजों ने मिलकर साल 2018 में 179 विकेट चटकाए हैं. ये विकेट उन्होंने 23.70 की औसत से लिए. एक कैलेंडर ईयर में भारतीय तेज गेंदबाजों का ये अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. हालांकि, पहले 3 बार भारतीय तेज गेंदबाजों के विकेट लेने का औसत 2018 के मुकाबले कम रह चुका है लेकिन तब उन्होंने केवल 43, 9 और 7 विकेट ही चटकाए थे.

6 तेज गेंदबाज, 179 विकेट

2018 में 179 टेस्ट विकेट चटकाने में 6 भारतीय तेज गेंदबाजों का हाथ रहा. इनमें सबसे ज्यादा 48 विकेट इसी साल डेब्यू करने वाले जसप्रीत बुमराह ने लिए. बुमराह इस साल सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले वर्ल्ड क्रिकेट के दूसरे गेंदबाज भी हैं. उनसे ज्यादा 52 विकेट सिर्फ साउथ अफ्रीका के कैगिसो रबाडा के नाम हैं.

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भारतीय तेज गेंदबाजों में शमी ने 47 विकेट, ईशांत ने 41 विकेट, उमेश ने 20 विकेट, हार्दिक पांड्या ने 13 विकेट जबकि भुवनेश्वर कुमार ने 10 विकेट लिए. यानी, अगर देखें तो 179 में से 136 विकेट सिर्फ बुमराह, शमी और ईशांत की तिकड़ी ने लिए हैं.

टेस्ट खेलने वाली सभी टीमों की बात करें तो साल 2018 में भारत से बेहतर औसत सिर्फ साउथ अफ्रीकी तेज गेंदबाजों का रहा है. उन्होंने 19.98 की औसत से विकेट चटकाए हैं. वहीं स्ट्राइक रेट के मामले में कैरेबियाई तेज गेंदबाज 37.3 के साथ बेहतर रहे हैं.