नॉटिंघम: इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के तीसरे मैच में भारत ने इंग्लैंड को हराकर स्कोरलाइन 2-1 कर दिया. चौथे दिन के अंत में ही टीम इंडिया की जीत तय हो चुकी थी. पांचवें दिन के खेल में 17वीं गेंद पर अश्विन ने स्टुअर्ट ब्रॉड को पवेलियन भेज औपचारिकता पूरी कर दी.

खास बात यह है कि सीरीज के पहले दो मैचों में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा था. तीसरे टेस्ट में इंग्लैंड को जीत मिलती तो टीम इंडिया के लिए सीरीज में वापसी की सारी संभावनाएं खत्म हो जातीं. लेकिन टीम इंडिया के गेंदबाजों और बल्लेबाजों ने तीसरे मैच में इंग्लैंड को धूल चटा कर अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा. इस सीरीज में अभी तीनों नतीजे हो सकते हैं- इंग्लैंड की जीत, भारत की जीत या स्कोरलाइन बराबर.

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हालांकि, तीसरे मैच में टीम इंडिया की जीत पर किसी को खास आश्चर्य नहीं होना चाहिए क्योंकि यह कारनामा टीम इससे पहले भी चार बार कर चुकी थी. यह पांचवां मौका है जब सीरीज के पहले दो मैच हारने के बाद भारत ने तीसरा मैच जीता है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो बार और वेस्टइंडीज तथा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक-एक बार टीम यह रिकॉर्ड पहले भी बना चुकी है.

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पहली बार ऐसा 1974-75 में हुआ था जब वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज में भारत ने पहले दो टेस्ट मैच में हार के बाद कोलकाता में हुए तीसरे मैच में जीत हासिल की थी. 1977-78 में औस्ट्रेलिया के खिलाफ भी तीसरे टेस्ट में भारत को जीत मिली थी जबकि पहले दोनों टेस्ट में टीम को हार का सामना करना पड़ा था. वर्ष 2008 में पर्थ टेस्ट में जीत हासिल कर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत ने दूसरी बार यह कारनामा किया. इसी साल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हुई सीरीज में भी टीम इंडिया को तीसरे टेस्ट में जीत मिली थी. अब ट्रेंट ब्रिज टेस्ट में भी जीत हासिल कर टीम ने यह साबित कर दिया है कि टीम इंडिया के खिलाफ टेस्ट मैच में जीत की हैट्रिक लगाना किसी विपक्षी टीम के लिए आसान नहीं है.