दक्षिण अफ्रीका ने पहले वनडे में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन इंग्लैंड को 7 विकेट से पराजित कर दिया. इस जीत में दक्षिण अफ्रीका की ओर से कप्तान क्विंटन डी कॉक ने नाबाद शतक लगाया वहीं टेंबा बावूमा 2 रन से शतक चूक गए. बावूमा ने स्वीकार किया है कि उनको कई बार उनकी त्चचा के रंग हिसाब से देखा जाता है, जिससे उनका करियर प्रभावित हुआ है. दक्षिण अफ्रीका ने यहां न्यूलैंड्स मैदान पर मंगलवार को खेले गए पहले वनडे मैच में मौजूदा विश्व चैंपियन इंग्लैंड को 7 विकेट से हरा दिया. इस मैच में बावुमा ने 98 रन की पारी खेली. Also Read - South Africa vs Pakistan, 2nd ODI: Faheem Ashraf की 'रॉकेट डिलीवरी' ने तोड़ा Temba Bavuma का बल्ला, Video सोशल मीडिया पर Viral

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वेबसाइट ईएसपीएन क्रिकइंफो ने बावूमा के हवाले से कहा, ‘यह काफी मुश्किल है. यह बाहर जाने को लेकर नहीं है. सभी खिलाड़ी बाहर होते हैं. हर खिलाड़ी उस दौरे से गुजरते हैं, जहां वे रन नहीं बनाते हैं. लेकिन मेरे लिए परेशानी तब होती है जब वे ट्रांसफॉर्मेशन (परिवर्तन) की बात करते हैं.’ Also Read - SA vs PAK- 1st ODI: भारत में कब और कहां देखें- साउथ अफ्रीका vs पाकिस्तान मैच की LIVE Streaming और Live Telecast

उन्होंने कहा, ‘हां, मैं अश्वेत हूं और यह मेरे त्वचा का रंग है. लेकिन मैं क्रिकेट खेलता हूं क्योंकि यह मुझे पसंद है. मैं टीम में हूं क्योंकि मैंने अपने प्रदर्शन के दम पर अपनी टीम को आगे बढ़ाया है.’

दक्षिण अफ्रीका के नियमों के अनुसार, वे अपनी टीम में छह खिलाड़ी अपने रंग के रखते हैं, जिसमें से दो अश्वेत होते हैं. बावूमा ने पाया कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर उनके बारे में बात कर रहे हैं कि वे केवल दक्षिण अफ्रीका की नीतियों का हिस्सा थे.

29 वर्षीय बावूमा ने हालांकि तर्क को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, ‘एक चीज जो मुझे परेशान करती है, वह यह है कि लोग आपको परिवर्तन की नजर से देखते हैं.’

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बावूमा ने कहा, ‘जब आप अच्छा करते हैं, तो परिवर्तन के बारे में बात नहीं की जाती है, लेकिन जब आप खराब करते हैं तो आपको परिवर्तन के एजेंडे में शामिल कर लिया जाता है. मुझे इससे गंभीर समस्या है. हम अच्छे को बुरे के साथ लेने के आदि हो गए हैं. अगर अश्वेत खिलाड़ी अच्छा नहीं कर रहे होते हैं तो परिवर्तन सही नहीं है, लेकिन जब वे अच्छा करते हैं तो यह ठीक है.’

(इनपुट-आईएएनएस)