नई दिल्ली. ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा पर भारत को टेस्ट सीरीज में हराने का जुनून सवार हो गया है. वो घरेलू टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया को जीतने का कोई मौका देना नहीं चाहते. इसी धुन में उन्होंने वही फॉर्मूला आजमाया है जिस फॉर्मूले के साथ भारतीय खिलाड़ी विराट की कमान में मैदान पर उतरा करते हैं. अपने जुनून को सच कर दिखाने का ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा का ये फॉर्मूला है फिटनेस का.

ख्वाजा ने 10 किलो घटाया वजन

उस्मान ख्वाजा ने भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले एक नहीं, दो नहीं बल्कि पूरे 10 किलो वजन घटाया है. वजन घटाकर खुद को फिट रखने की उन्हें ये प्रेरणा भारतीय कप्तान विराट कोहली से नहीं बल्कि NBA के सुपरस्टार और 3 बार के लीब्रॉन जेम्स से मिली. हालांकि, इस प्रेरणा का असर ख्वाजा के वजन पर अचानक नहीं हुआ बल्कि ये 8 महीने से चल रही लंबी प्रक्रिया का असर है.

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8 महीने की मेहनत का नतीजा

दूसरे लहजे में कहें तो भारत को घरेलू टेस्ट सीरीज में हराने के लिए ख्वाजा पिछले 8 महीनों से अपनी फिटनेस पर जोर दे रहे थे. उनके इस जुनून को UAE में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हुई घुटने की इंजरी के बाद जंग भी लगा, लेकिन वो उससे उबरने में कामयाब रहे और भारत के खिलाफ उतरने से पहले शेफील्ड शील्ड में खेलकर अपनी तैयारियों को परख भी चुके हैं.

ख्वाजा के बैटिंग ऑर्डर पर सस्पेंस

हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की अहम कड़ी होते हुए भी भारत के खिलाफ एडिलेड में खेले जाने वाले पहले टेस्ट में उस्मान ख्वाजा के बैटिंग ऑर्डर को लेकर अब भी सस्पेंस है. UAE में पाकिस्तान के खिलाफ खेली टेस्ट सीरीज में उन्होंने एरॉन फिंच के साथ पारी की शुरुआत की थी. लेकिन भारत के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के लिए चुनी कंगारू टीम में 2 ओपनर पहले से ही मौजूद हैं. इस बात की ज्यादा गुंजाइश है कि युवा बल्लेबाज मार्क्स हैरिस एडिलेड में डेब्यू करेंगे और फिंच के साथ पारी की शुरुआत करेंगे.

टीम जहां कहेगी, उस नंबर पर खेलूंगा

एडिलेड टेस्ट करीब है लेकिन अब तक ख्वाजा अपने बैटिंग ऑर्डर से अंजान हैं. उनका सीधा कहना है, ” मुझे कुछ नहीं पता. जिस जगह पर मुझसे बल्लेबाजी करने कहा जाएगा मैं करूंगा. हालांकि, मुझे लगता है कि वो जगह नंबर 3 या ओपनिंग होनी चाहिए, क्योंकि टीम में 2 ओपनर पहले से ही हैं.” बहरहाल, 10 किलो वजन कम कर ख्वाजा ने एडिलेड टेस्ट के लिए अपनी बेचैनी तो बयां कर दी है. देखना ये है कि इस बेचैनी को शांत करने के लिए उन्हें बल्ला चलाने का मौका किस नंबर पर मिलता है.