ठीक 18 साल पहले टीम इंडिया (Team India) ने आज के दिन लॉर्ड्स के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ नेटवेस्ट ट्रॉफी फाइनल जीतकर इतिहास रचा था। आज ही के दिन भारतीय टीम के कप्तान सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ने लॉर्ड्स की बॉलकनी पर अपनी जर्सी उतारकर हवा में लहराई थी, जो तस्वीर भारतीय फैंस के दिलों दिमाग में आज भी ताजा है।Also Read - IND vs SA- अभी बरकरार रखेंगे साउथ अफ्रीका दौरा, स्थगन का फैसला करने के लिए समय है: Sourav Ganguly

हालांकि उस जीत के नायक ना तो गांगुली थे, ना सचिन या सहवाग बल्कि उस जीत की कहानी लिखी थी मोहम्मद कैफ (Mohammad Kaif) और युवराज सिंह (Yuvraj Singh) की जोड़ी ने। 326 रनों के असंभव लग रहे लक्ष्य का पीछा करते हुए कैफ-युवराज ने 121 रनों की मैचविनिंग साझेदारी बनाई। 69 रन पर युवराज के आउट होने के बावजूद कैफ ने पारी को संभाले रखा और 75 गेंदो पर 87 रन की पारी खेलकर भारत को जीत की रेखा के पार ले गिए। Also Read - IND vs NZ- Ajinkya Rahane की फॉर्म चिंता की बात नहीं वह जल्दी रन बनाते दिखेंगे: Rahul Dravid

18 साल बाद कैफ ने उस जीत को याद किया है। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कैफ ने बताया कि उस मैच के बाद इलाहाबाद अपने घर लौटने पर उनका स्वागत किसी सुपरस्टार की तरह किया गया था। Also Read - Rahul Dravid ने मैच के बाद दिखाया बड़ा दिल, ग्रीन पार्क के स्‍टाफ को दी 35,000 की प्रोत्‍साहन राशि

पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने कहा, “मुझे एक खास तस्वीर याद है। जब मैं इलाहाबाद में अपने घर लौटा तो मुझे एक ओपन जीप में बैठाया गया। हमें अपने 5-6 किमी दूर अपने घर पर जाने में तीन-चार घंटे लग गए। लोग सड़कों पर खड़े होकर नारे लगा रहे थे, माला फेंक रहे थे। जब मैं एक बच्चा था, तो मैंने अमिताभ बच्चन को खुली जीप में देखा था, जब उन्होंने मेरे गृहनगर में चुनाव जीता था। उस दिन, मुझे अमिताभ बच्चन की तरह महसूस हुआ।”

पूर्व क्रिकेटर ने ये भी माना कि उस जीत ने भारतीय क्रिकेट के इतिहास को बदल दिया। उन्होंने कहा, “उस जीत ने भारतीय क्रिकेट को एक हद तक बदल दिया। इस जीत ने हमें दिखाया कि हम बड़े स्कोर का पीछा कर सकते हैं, इसने हमें दिखाया कि हम बड़े फाइनल जीत सकते हैं। ये एक कारण है कि भारतीय फैन इसे याद करते हैं क्योंकि 1983 विश्व कप के बाद लॉर्ड्स के मैदान पर ये पहली बड़ी जीत थी।”