ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में भारत के लिए सफल टेस्ट डेब्यू करने वाले युवा सलामी बल्लेबाज शुबमन गिल (Shubman Gill) ने बताया कि दौरे पर जाने से पहले उन्होंने पूर्व भारतीय दिग्गज युवराज सिंह (Yuvraj Singh) के साथ अभ्यास किया था, जिसकी वजह से उन्हें कंगारू गेंदबाजों की शॉर्ट पिच गेंदो का सामना करने में मदद मिली। Also Read - रविचंद्रन अश्विन को अब वो तारीफ मिल रही है जो सालों पहले मिलनी चाहिए थी: सबा करीम

पंजाब के इन दोनों खिलाड़ियों ने यूएई में हुए इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2020) के 13वें सीजन से पहले 21 दिन के कैंप में हिस्सा लिया था, जहां युवराज ने बल्लेबाजी अभ्यास में गिल की मदद की। Also Read - 'ऐसी पिच पर खेलते तो 1000 विकेट ले चुके होते अनिल कुंबले' ; युवराज सिंह के इस ट्वीट पर भड़के फैंस

टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में गिल ने कहा, “आईपीएल से पहले यूवी पाजी के साथ कैंप काफी फायदेमंद साबित हुए। उस कैंप के दौरान, उन्होंने मुझे बाउंसर खेलने के लिए तैयार किया। वो मुझे हर एंगल से सैकड़ों शॉर्ट पिंच गेंद फेंकते थे और मुझे लगता है कि इससे मुझे मदद मिली।” Also Read - IND vs ENG: अहमदाबाद की पिच पर पीटरसन, युवराज और वॉन ने उठाए सवाल

गिल ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले तीन मैचों की 6 पारियों में 51.80 की औसत से 259 रन बनाए और टेस्ट सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने वाले छठें बल्लेबाज बने। गिल ने गाबा स्टेडियम में खेले सीरीज के आखिरी टेस्ट में 146 गेंदो पर 91 रनों की मैचविनिंग पारी खेली, हालांकि वो शतक पूरा करने में नाकाम रहे। जिससे उनके पिता लखविंदर गिल काफी निराश थे।

गिल ने माना कि वो भी शतक पूरा ना कर पाने से बेहद निराश हुए थे। उन्होंने कहा, “शतक बना पाना सोने पर सुहागा होता। मैं सेट था और मुझे शतक बना चाहिए था। लेकिन साथ ही मैं खुश हूं कि टीम की जीत में योगदान दे सका। ये सीरीज मेरे लिए सीखने का अच्छा मौका थी और मैं एक बेहतर क्रिकेटर बना।”

ऑस्ट्रेलिया के सफल दौरे के बाद अब इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज गिल का अगला लक्ष्य है। उन्होंने कहा, “मेरा अगला लक्ष्य इस स्तर पर लगातार रन बनाना है। इंग्लैंड सीरीज मेरे लिए अहम होगी क्योंकि अब मैं कोई अनजान शख्स नहीं हूं। जेम्स एंडरसन, स्टुअर्ट ब्रॉड और जोफ्रा आर्चर जैसे गेंदबाजों का सामना करना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा लेकिन मैं इसके लिए तैयार हूं।”