भारतीय क्रिकेट के इतिहास में ऐसे कई बड़े नाम है जिन्होंने अपनी निष्ठा और प्रदर्शन से भारत का सिर ऊंचा किया है. मगर कुछ ऐसे क्रिकेटर्स भी हुए है जिन्होंने इस खेल को बस खेला नहीं जीया भी है. भारतीय क्रिकेट का वो ऑलराउंडर जिसने जब बल्लेबाजी थामी तो देश के लिए पहला टेस्ट शतक जड़ दिया और जब गेंदबाजी थामी तो ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज डॉन ब्रैडमैन को हिट विकेट आउट करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. भारतीय क्रिकेट का वो कप्तान जिसने पाकिस्तान के खिलाफ पहली टेस्ट सीरीज पर अपना शिकंजा कसा और आजादी के बाद टीम इंडिया की बागडोर संभाली. आज उसी महान खिलाड़ी की 108वीं जयंती पर पूरा देश उन्हें नमन करता है. इस जाबांज खिलाड़ी को दुनिया ने लाला अमरनाथ के नाम से जाना.

पहले ही टेस्ट में जड़ दिया था शतक 

पंजाब के कपूरथला में जन्मे लाला अमरनाथ की परवरिश लाहौर में हुई. उन्हें बचपन से ही क्रिकेट खेलना पसंद था. कड़ी मेहनत और लगन से सराबोर अमरनाथ ने क्रिकेट के अलावा कभी कुछ नहीं देखा और धीरे धीरे टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का वो ऐसा नाम बन गए जिसे दुनिया बरसों तक अपने साथ रख सकती है. अपने छोटे से करियर में अनेक रिकार्ड्स के मालिक रह चुके अमरनाथ ने 15 दिसंबर 1933 को अपने करियर के पहले ही टेस्ट मैच में शतक लगा दिया था. इंग्लैंड के खिलाफ इस टेस्ट मैच की दूसरी पारी में उन्होंने 118 रनों की विराट पारी खेली थी. इससे पहले कोई भी भारतीय क्रिकेटर ने टेस्ट मैच में शतक नहीं लगाया था.

अमरनाथ का करियर 

भारतीय क्रिकेट टीम के एक ऐसे ऑलराउंडर जो हर मैच में अपनी गेंदबाजी या फिर बल्लेबाजी से भरपूर योगदान करते थे. अमरनाथ अपने करियर में 24 टेस्ट मैचों में एक शतक और चार अर्धशतक के साथ 24.38 की औसत से 878 रन बनाए. वहीं, 32.91 की औसत से 45 विकेट भी चटकाए. उन्होंने 186 फर्स्ट क्लास मैचों में 10,000 से अधिक रन बनाने के अलावा 22.98 की बेहतरीन औसत के साथ 463 विकेट भी अपने नाम किए हैं.

ये अनोखा रिकॉर्ड 

लाला अमरनाथ के नाम एक ऐसा भी रिकॉर्ड रहा है जो उन्हें एक बेहतरीन खिलाड़ी के श्रेणी में रखता है. लाला, टेस्ट क्रिकेट में सबसे लंबे समय तक टीम से बाहर रह कर वापसी करने वाले भारतीय खिलाड़ी हैं. अमरनाथ ने 1933-1934 के बीच महज दो टेस्ट मैच खेले थे और पहले टेस्ट मैच में शतक जड़ने के बाद भी उन्हें टीम से बाहर रखा गया. एक दो साल नहीं, पूरे 12 साल बाद 1946 में उन्होंने टीम में वापसी की. इस वापसी के बाद लाला कई सालों तक टीम का स्तंभ बन कर डटे रहें.

लाला का निधन 

लाला अमरनाथ का निधन क्रिकेट के उस युग का निधन था जब भारत ने आजाद होकर खेलना शुरू किया था. 5 अगस्त 2000 को दिल्ली में उनका निधन हो गया. लाला ने क्रिकेट की ये विरासत अपने बेटों और पोतों को दी. उनके गुजर जाने के बाद उनके बेटे मोहिंदर अमरनाथ ने देश का नाम ऊंचा किया. मोहिंदर 1983 वर्ल्डकप की विजेता टीम इंडिया का एक अहम हिस्सा थे.