नई दिल्ली. क्रिकेट के गलियारों में इन दिनों एक नाम की चर्चा जोरों पर है और वो नाम है पृथ्वी शॉ का. इस नाम की खुमारी हर जुबां पर छाई है. जिसे देखो वो ही इसके गुण गाते दिख रहा है और ऐसा हो भी क्यों न आखिर पृथ्वी शॉ ने कमाल ही कुछ ऐसा ही किया है. कच्ची उम्र में शॉ ने वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले अपने डेब्यू टेस्ट में बेहतरीन बल्लेबाजी का पक्का सबूत पेश किया है. 18 साल के इस बल्लेबाज ने 2 टेेस्ट की 3 पारियों में 118.50 की रिकॉर्ड औसत से 237 रन बनाए हैं, जिसमें टेस्ट करियर की पहली ही पारी में शतक जड़ने का धमाल भी शामिल है. Also Read - सौरव गांगुली: मुझे खुशी है कि भारतीय क्रिकेट को एमएस धोनी जैसा अविश्वसनीय खिलाड़ी मिला

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‘क्रिकेट खेलने के लिए जन्मा पृथ्वी’

शॉ के इसी शानदार शो का कायल अब हर कोई हो चुका है. टीम इंडिया के कोच रवि शास्त्री ने तो साफ साफ कह दिया है कि पृथ्वी में सचिन, सहवाग और लारा का अक्स है. उन्होंने कहा, ” शॉ को खेलते देखकर ऐसा लगता है जैसे उसका जन्म ही क्रिकेट खेलने के लिए हुआ है. वह 8 साल की उम्र से मुंबई के मैदानों में खेल रहा है. उसके खेल में कड़ी मेहनत का असर दिखता है. उसकी बल्लेबाजी दर्शकों को बांधे रखती है. उसमें थोडी सचिन की, थोड़ी सहवाग की और जब वो चलता है तो ब्रायन लारा की झलक दिखती है.”

जीत के सूत्रधार बने पृथ्वी

अपने पहले टेस्ट में शतक लगाने वाले शॉ ने दूसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन 53 गेंद में 70 रन की पारी खेल भारत को शानदार शुरुआत दिलाई. हैदराबाद टेस्ट की दूसरी पारी में 33 रन की नाबाद पारी के दौरान विजयी रन भी उसने अपने बल्ले से ही जड़ा. इसी के साथ टीम के लिए विजयी रन ठोकने वाला वो सबसे युवा बल्लेबाज भी बना.

बंदा ये बिंदास है!

रवि शास्त्री ने कहा, ‘‘अगर वह खुद को एकाग्र रखता है और खेल पर ध्यान देता है तो उसका भविष्य उज्ज्वल है.”  पृथ्वी शॉ ने अपनी डेब्यू टेस्ट सीरीज में ही मैन ऑफ द सीरीज का खिताब जीतकर अपने फ्यूचर के ब्राइट होने के संकेत तो दिए हैं. अब अगर भारत के बाहर खासकर ऑस्ट्रेलिया, जहां टीम इंडिया को अगली टेस्ट सीरीज खेलनी है, की तेज पिचों पर भी उनके बल्ले से रनों का अंबार यूं ही फूटता है तो वो खुद के महान बल्लेबाज बनने के भी संकेत दे सकते हैं.