ऑस्ट्रेलियन ओपन 2020 से बाहर होने के बाद रोजर फेडरर ने ये साफ किया है कि वो अभी संन्यास नहीं लेने वाले हैं। गुरुवार को सर्बिया के नोवाक जोकोविच ने फेडरर को पुरुष एकल वर्ग के सेमीफाइनल में हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। जिसके बाद पहले से ही चल रहे फेडरर के संन्यास की खबरों को हवा मिली।

38 साल के इस खिलाड़ी ने कहा, “आप नहीं जानते कि भविष्य कैसा है। खासकर मेरी उम्र जितनी है उसके बाद आप कुछ नहीं कह सकते। मैं आत्मविश्वासी हूं, जिस तरह से मैं महसूस कर रहा हूं, वो शानदार है, ईमानदारी से कहूं तो मैं अच्छा खेला। इसलिए संन्यास का कोई प्लान नहीं है।”

फेडरर ने ये भी कहा कि कोर्ट पर उतरने से पहले उन्हें लगा था कि वो फाइनल में पहुंच सकते हैं। मैच के बाद फेडरर ने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो मुझे लगा था कि मैं फाइनल में जगह बना लूंगा।”

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सेमीफाइनल में आने के लिए फेडरर को कड़ा पसीना बहाना पड़ा था। अमेरिका के टैनी सैंडग्रेन ने पांच सेट तक चले मैच में उन्हें काफी परेशान किया था। आखिर में फेडरर जीत गए और टॉप-4 में जगह बनाई।

उन्होंने कहा, “सैंडग्रेन के मैच के बाद मैं स्कैन के लिए गया था। उसके बाद मैं पूरी तरह से सही था। इसके बाद ज्यादा मेहनत नहीं की। मैंने अभ्यास भी नहीं किया। मैंने अगले दिन छुट्टी ली। अगर मुझे लगता कि मैं जीत नहीं सकता तो मैं कोर्ट पर नहीं जाता।”

हालांकि इस टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन से खुश हैं। उन्होंने कहा, “अंत में मैं खुश हूं। मुझे लगता है कि मैं कुल मिलाकर अच्छा खेला। मैं जानता हूं कि मैं और अच्छा खेल सकता हूं और मैं यह भी जानता हूं कि मैं इससे काफी बुरा भी खेल सकता हूं। इससे पहले कोई टूर्नामेंट नहीं था, इसलिए मुझे लगता है कि यह अच्छा रहा।”