मैनचेस्टर। ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के कप्तान टिम पेन ने इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर को सीमित ओवरों में भारत के महेंद्र सिंह धोनी से बेहतर विकेटकीपर-बल्लेबाज बताया है. बटलर ने पांच वनडे मैचों की सीरीज के आखिरी मैच में रविवार को संघषर्पूण नाबाद शतकीय पारी खेल इंग्लैंड को जीत दिलाई और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंग्लैंड का पहला व्हाइटवॉश हासिल किया. Also Read - भारत से पिछली टेस्‍ट सीरीज हार को भुला नहीं पा रहे हैं Tim Paine, बोले- इस बार...

धोनी अच्छे लेकिन बटलर अभी टॉप पर Also Read - स्‍टीव स्मिथ के खिलाफ सचिन ने बनाई रणनीति, बोले- वो गैर परंपरागत बल्‍लेबाज है उसे...

मैच के बाद जब पेन से बटलर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, वह बेहद शानदार हैं. इस समय वह सीमित ओवरों में विश्व के सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं. पेन भी विकेटकीपर हैं. उन्होंने कहा, मैं नहीं समझता की उन्हें चुनौती देने के लिए ज्यादा लोग मौजूद हैं. धोनी भी अच्छे हैं, लेकिन इस समय बटलर अपने खेल के शीर्ष पर हैं. पेन ने कहा कि वह अपने वनडे खेल को समझते हैं और अपनी ताकतों को जानते हैं. Also Read - India vs Australia: भारत के खिलाफ सीरीज से पहले कंगारू बल्लेबाज ने भरी हुंकार, कहा-अब लय हासिल कर ली है

बटलर ने सीरीज में 275 रन बनाए 

बटलर ने हाल ही में खत्म हुई वनडे सीरीज में कुल 275 रन बनाए जिनमें 91, 54 और 110 नाबाद के स्कोर शामिल हैं. पेन का प्रदर्शन इस सीरीज में अच्छा नहीं रहा. इसी सीरीज में उनका औसत महज 7.20 का रहा है. उन्होंने इस बात के संदेश दिए हैं कि वह अपने वनडे क्रिकेट के भविष्य के बारे में सोचेंगे.

पेन बोले- टेस्ट टीम की कप्तानी के लिए तैयार

पेन ने कहा, मैं ईमानदारी से कहूं तो मैंने खुद अच्छा नहीं खेला है. मैंने पहले भी कई बार कहा है कि जब आप मेरी उम्र के हो जाते हैं तो आगे के बारे में सोचना बेवकूफी होता है. मैं टेस्ट टीम की कप्तानी के लिए तैयार हूं और उस प्रारूप में खेलना जारी रखूंगा. लेकिन बाकी क्रिकेट के बारे में मैं आने वाले दिनों में सोचूंगा.

ऑस्ट्रेलिया का 5-0 से सूपड़ा साफ

बता दें कि पांच वनडे मैचों की सीरीज में पहली बार ऑस्ट्रेलिया को इंग्लैंड के हाथों 5-0 से हार मिली है. इससे उसकी 2019 में वर्ल्ड कप तैयारियों को भी झटका लगा है जो इंग्लैंड में ही होना है. गेंदबाजी टैंपरिंग प्रकरण के बाद से ही ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट में उठापटक मची हुई है. स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर को एक साल के लिए बैन किया जा चुका है. ऐसे में टीम की ताकत आधी रह गई है और मनोबल भी गिरा हुआ है. इसी का खामियाजा उसे इंग्लैंड के खिलाफ भुगतना भी पड़ा है.