Tokyo Olympic 2020: टोक्यो ओलंपिक में भारत को मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) के बाद अपने दूसरे पदक का अभी तक इंतजार था, यह लंबा इंतजार आज बॉक्सर लवलीना बोर्गोहेन (Lovlina Borgohain) ने खत्म कर दिया. इस मुक्केबाज ने शुक्रवार को (64-69 किलो भारवर्ग) में चीनी ताइपे की नीन-चिन चेन (Nien-Chin Chen) को 4-1 से हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की. लवलीना अब सेमीफाइनल मुकाबले में तुर्की की बुसेनाज सुरमेनेली (Busenaz Sürmeneli) के खिलाफ रिंग में उतरेंगी.Also Read - पाकिस्तानी खिलाड़ी Arshad Nadeem को ट्रोल करने वालों पर भड़के Neeraj Chopra, वीडियो में दिया करारा जवाब

हालांकि अभी मेडल का रंग तय नहीं हुआ है लेकिन उनके पास इसे गोल्ड में बदलने का भी मौका है. इस क्वॉर्टर फाइनल मैच की बात करें तो शुरुआत से ही लवलीना ने इस मैच पर अपनी पकड़ कस ली और चीनी ताईपे की मुक्केबाज पर मौके बनाते हुए अच्छे पंच लगाए. इस मुकाबले में उन्हें उनके लंबे कद का फायदा भी मिल रहा था. असम की इस 23 वर्षीय मुक्केबाज की मेहनत भारत के लिए ओलंपिक खेलों में शानदार खुशियां लेकर आई है. भारत को पिछले 7 दिन से ही अपने दूसरे मेडल का इंतजार था. Lovlina Borgohain Assures 2nd Medal for India in Tokyo Olympics Also Read - गोलकीपर श्रीजेश को केरल सरकार ने 2 करोड़ रुपए दिए, प्रमोशन भी मिला

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अब देशवासियों को उनसे उम्मीद है कि वह अपनी वेट कैटिगरी के सेमीफाइनल और फाइनल मैच जीतकर सोने का तमगा हासिल करें. इस मैच की बात करें तो उन्होंने चीनी ताईपे की नीन-चिन चेन तीनों राउंड में मात दी. जजों ने तीनों मौकों पर लवलीना को ही बेहतर आंका. बता दें ओलंपिक इतिहास में इससे पहले बॉक्सिंग से भारत को विजेंदर सिंह ने 2008 बीजिंग ओलंपिक और मैरी कॉम ने 2012 लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीत चुके हैं. अगर लवलीना यहां सिल्वर और गोल्ड पर कब्जा जमाती हैं तो वह यह भारत के लिए नया इतिहास होगा.

इससे पहले गुरुवार को बॉक्सिंग में भारत की उम्मीदों को तब झटका लगा था, जब छह बार की विश्व चैंपियन मैरी कॉम को 51 किग्रा फ्लाईवेट वर्ग के प्री क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा. मैरी कॉम को कोलंबिया की बॉक्सर इंग्रिट वलेंसिया के खिलाफ शिकस्त झेलनी पड़ी. हालांकि इस हार से मैरी कॉम भी हैरान थीं क्योंकि जजों का निर्णय उनकी समझ के भी बाहर था.