Tokyo Olympic 2020 Women Hockey Semi-final India vs Argentina Match Preview: टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympic 2020) में पहले ही इतिहास रच चुकी महिला भारतीय टीम (Indian Women Hockey Team) अपने पहले ओलंपिक गोल्ड मेडल से सिर्फ दो कदम दूर है. महिला टीम ने सोमवार को जिस अंदाज में ऑस्ट्रेलिया को क्वॉर्टर फाइनल में मात दी थी ऐसे में टीम से गोल्ड मेडल की उम्मीद करना बेमानी नहीं है. देश को पुरुष हॉकी टीम से भी ऐसी ही उम्मीद थी लेकिन आज बेल्जियम के खिलाफ उसका सपना चकनाचूर हो गया.Also Read - पाकिस्तानी खिलाड़ी Arshad Nadeem को ट्रोल करने वालों पर भड़के Neeraj Chopra, वीडियो में दिया करारा जवाब

लेकिन इस बार महिला टीम से अब देश को ये नया इतिहास रचने की उम्मीदें हैं. हालांकि इसके लिए उसे सेमीफाइनल मैच में अर्जेंटीना को मात देनी होगी. आत्मविश्वास से भरी रानी रामपाल (Rani Rampal) की कप्तानी वाली 18 सदस्यीय महिला टीम ने सोमवार को तीन बार की चैंपियन आस्ट्रेलिया को 1-0 से हराकर पहली बार ओलंपिक के सेमीफाइनल में प्रवेश किया. Also Read - गोलकीपर श्रीजेश को केरल सरकार ने 2 करोड़ रुपए दिए, प्रमोशन भी मिला

इस मैच में ड्रैग फ्लिकर गुरजीत कौर (Gurjeet Kaur) ने भारत को मिले एकमात्र पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला, जो आखिर में निर्णायक साबित हुआ. गुरजीत के साथ-साथ भारतीय गोलकीपर सविता पूनिया (Savita Punia) और टीम की रक्षा पंक्ति का शानदार खेल निर्णायक साबित हुआ था, जब उसने ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ एक भी गोल नहीं खाया. ऑस्ट्रेलिया को इस मैच में 7 पेनल्टी कॉर्नर मिले थे लेकिन भारतीय रक्षा पंक्ति ने उसके सभी प्रहार को गोल पोस्ट के बाहर ही खारिज कर दिया. Also Read - झारखंड सरकार ने हॉकी खिलाड़ी सलीमा और निक्की प्रधान पर की तोहफों की बारिश, 50-50 लाख के चेक दिए, घर भी मिलेगा

गोलकीपर सविता की अगुवाई में भारतीय रक्षापंक्ति में शामिल गुरजीत, दीप ग्रेस एक्का, मोनिका और उदिता से एक बार फिर ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद है. भारतीय महिला हॉकी टीम का ओलंपिक में इससे पहले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन मास्को ओलंपिक 1980 में रहा था, जब वह 6 टीमों में चौथे स्थान पर रही थी. महिला हॉकी ने तब ओलंपिक में पदार्पण किया था और मैच राउंड रोबिन आधार पर खेले गये थे, जिसमें शीर्ष पर रहने वाली दो टीमें फाइनल में पहुंची थीं.

बुधवार को भारतीय महिलाएं उस उपलब्धि से आगे निकलकर पहली बार ओलंपिक फाइनल में पहुंचने की कोशिश करेंगी. भारतीय पुरुष टीम सेमीफाइनल से आगे बढ़ने में नाकाम रही और अब सभी की निगाहें महिलाओं पर टिकी हैं. पुरुष टीम अंतिम 4 के मुकाबले में बेल्जियम से 2-5 से हार गई.

भारतीय महिला टीम यहां के अपने प्रदर्शन से रैकिंग में 7वें स्थान पर पहुंच गई है, जो उसकी अभी तक की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है. लेकिन उसका सामना विश्व में नंबर 2 अर्जेंटीना से होगा, जो कि 5 साल पहले रियो खेलों में चूकने के बाद ओलंपिक में सफलता हासिल करने के लिए बेताब है.

अर्जेंटीना की महिला टीम ने सिडनी 2000 और लंदन 2012 में रजत पदक जीता था लेकिन अभी तक स्वर्ण पदक हासिल नहीं कर पाई है. वह 2012 के बाद पहली बार सेमीफाइनल में पहुंची है. उसने क्वॉर्टर फाइनल में 2016 के ओलंपिक कांस्य पदक विजेता जर्मनी को 3-0 से हराया था.

भारतीय कप्तान रानी ने आस्ट्रेलिया पर जीत के बाद कहा था, ‘हमने सेमीफाइनल में पहुंचकर इतिहास बना दिया है और अब हम सेमीफाइनल से आगे के बारे में सोच रहे हैं, क्योंकि हम यहीं पर नहीं रुकना चाहते हैं.

(इनपुट : भाषा)