Tokyo Olympics 2020: टोक्‍यो ओलंपिक 2020 के 12वें दिन एथलीट अनु रानी ने भारतीय फैन्‍स को खास निराश किया. अनु रानी (Anu Rani) ने भाला फेंक प्रतियोगिता में जरा भी जज्‍बा नहीं दिखाया और वो 30 एथलीट्स की स्‍पर्धा में 29वें स्‍थान पर रही. अनु से देश को पदक की उम्‍मीद थी लेकिन वो कहीं भी स्‍पर्धा में नहीं दिखी.Also Read - Neeraj Chopra का सपना पूरा, माता-पिता को पहली बार कराया 'हवाई सफर'

अनु रानी (Anu Rani) को ग्रुप-ए में रखा गया था. इस ग्रुप में 15 और एथलीट थीं. अपने ग्रुप में वो
14वां स्थान मिला. क्रोएशिया की सारा कोलाक के डिस्क्वालीफाई होने के बाद कुल 14 प्रतिभागी ही बचीं थी. अनु रानी को भाला फेंकने के कुल तीन मौके मिले. अपने तीन प्रयोसों में उन्‍होंने 50.35, 53.19 और 54.04 मीटर की दूरी नापी. वो फाइनल के लिए क्वालीफाई करने से कोसो दूर थी. Also Read - नीरज चोपड़ा, सुमित अंतिल की सफलता के बाद क्रिकेट जितना लोकप्रिय होगा भालाफेंक: अनुराग ठाकुर

अनु (Anu Rani) ने साल 2019 में कतर में आयोजति विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के दौरान 61.12 मीटर दूरी नापी थी और फिर पटियाला में आयोजित फेड कप में 63.24 मीटर के साथ ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था. यह उनका पर्सनल बेस्ट भी है. Also Read - उत्कृष्टता हासिल करने के लिए विराट कोहली को फॉलो करना चाहते हैं पीआर श्रीजेश

इस इवेंट के लिए ऑटोमेटिक क्वालीफाईंग मार्क 63 मीटर था. अनु के ग्रुप से पोलैंड की मारिया एंड्रेजिक ने 65.24 मीटर के साथ इसे हासिल किया.

इसी तरह ग्रुप-बी में भी 15 खिलाड़ी शामिल थीं. इसमें से सिर्फ अमेरिका मैगी मेलोन ने 63.07 मीटर के साथ ऑटोमेटिक क्वालीफाई किया. इस ग्रुप में अमेरिका की ही एरियाना इंच ने 54.98 मीटर नापी. इस ग्रुप में सबसे नीचे रहीं.

ओवलऑल सूची में 30 खिलाड़ियों के बीच अनु 29वें स्थान पर हैं. वह सिर्फ क्रोएशिया की सारा कोलाक से आगे हैं, जो डिस्क्वालीफाई हो चुकी हैं. इससे पहले साल 2000 के सिडनी ओलंपिक में भारत के लिए गुरमीत कौर ने इस इवेंट में शिरकत की थी.