टोक्यो ओलंपिक में भारत का पदक पक्का करने वालीं भारत की दूसरी एथलीट बॉक्सर लवलीना बोर्गोहेन (Lovlina Borgohain) ने कहा कि वह देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना चाहती हैं. लवलीना ने शुक्रवार को 69 किलो ग्राम भार वर्ग के क्वॉर्टर फाइनल में ताइवान की नेन चिन चेन को 4-1 से हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की है. अपनी इस जीत से उन्होंने कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया है. टोक्यो ओलंपिक में वेटलिफ्टर मीरा बाई चानू (Mirabai Chanu) के रजत पदक जीतने के बाद यह दूसरा पदक है, जो कम से कम भारत की झोली में आना तय है. लेकिन यह पदक अगर स्वर्ण हुआ तो फिर कहने ही क्या.Also Read - Highlights CWG 2022 Day-2: वेटलिफ्टिंग में भारत ने जीते 4 मेडल, मीराबाई चानू को गोल्‍ड, बिंदियारानी-संकेत ने सिल्‍वर व गुरुराज ने ब्रॉन्‍स पर लगाया निशाना

लवलीना ने मुकाबले के बाद वर्चुअल प्रेस वार्ता में कहा, मैं कांस्य पदक पर रुकना नहीं चाहती हूं. मैं देश के लिए स्वर्ण पदक लाना चाहती हूं. पदक एक ही होता है, वो है स्वर्ण. इसके लिए मुझे सेमीफाइनल मुकाबले को लेकर तैयारी करनी होगी. Also Read - Commonwealth Games 2022: बॉक्‍सिंग में लवलीना बोरगोहेन की शानदार जीत, क्‍वार्टर-फाइनल में किया प्रवेश

लवलीना ने अपने अगले मैच को लेकर कहा, ‘मैंने फिलहाल कोई रणनीति नहीं बनाई है. मैंने अपने प्रतिद्वंद्वी के कुछ वीडियो देखे हैं लेकिन मुझे उनके मुकाबले देखकर ही कुछ रणनीति तैयार करनी होगी. Also Read - CWG 2022 ओपनिंग सेरेमनी बीच में छोड़कर गई भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन, भारतीय दल के प्रमुख नाखुश

चिन चेन के खिलाफ मुकाबले को लेकर उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए चुनौती थी कि मैं खुद को कैसे साबित करूं. मैंने यह नहीं सोचा था कि मुझे दूसरे को साबित करना है लेकिन मैं खुद को साबित करके दिखाना चाहती थी कि यही मौका है. मैंने इस मैच के लिए कुछ रणनीति नहीं बनाई थी. मुझे बहुत अच्छा लगा और खेल कर काफी मजा आया.’

लवलीना ने कहा, ‘मेरा लक्ष्य स्वर्ण पदक लाना ही है और मैं उसके लिए तैयारी करूंगी. लेकिन उससे पहले मुझे सेमीफाइनल की बाधा पार करनी होगी.’

उन्होंने कहा, ‘मैं पहले निडर नहीं थी और शुरुआत में काफी डरती थी. लेकिन जब से मैंने खुद के ऊपर विश्वास करना शुरू किया और यह सोचना बंद कर दिया लोग मेरे बारे में क्या कहेंगे, तभी से मैं निडर हो गई.’