भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) ने टोक्यो ओलंपिक में देश के लिए नया इतिहास रच दिया है. ट्रैक एंड फील्ड खेल में उन्होंने स्वर्ण पदक (Neeraj Chopra Wins Gold Medal in Tokyo Olympics) अपने नाम किया है. आधुनिक ओलंपिक खेलों के 124 साल के इतिहास में ट्रैक एंड फील्ड में भारत का यह पहला पदक है. इससे पहले भारत के महान धावक मिल्खा सिंह (Milkha Singh) और पीटी उषा (PT Usha) पहले पदक के करीब जरूर पहुंचे थे. लेकिन अंत में उन्हें चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा. लेकिन नीरज चोपड़ा भाला फेंक (Javelin Throw) स्पर्धा में आज किसी को खुद आगे निकलने नहीं दिया.Also Read - Neeraj Chopra का सपना पूरा, माता-पिता को पहली बार कराया 'हवाई सफर'

नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) यूं तो ओलंपिक में 90 मीटर दूरी का भाला फेंकने के इरादे से यहां पहुंचे थे. लेकिन इस दूरी का भाला तो कोई भी एथलीट नहीं फेंक पाया लेकिन नीरज ने 87.58 मीटर भाला फेंका (Neeraj Chopra Javelin Throw) और स्वर्ण पदक पर अपना नाम लिख दिया. व्यक्तिगत स्पर्धा में वह गोल्ड जीतने वाले दूसरे ही भारतीय खिलाड़ी हैं. उनसे पहले यह उपलब्धि शूटर अभिनव बिंद्रा (Abhinav Bindra) ने बीजिंग ओलंपिक 2008 में अपने नाम की थी. Also Read - Kapil Dev की मांग, खेल उपकरणों पर से हटे टैक्‍स, तभी देश से निकलेंगे चैंपियंस

नीरज (Neeraj Chopra) के लिए यह सफर बहुत आसान नहीं था. कुछ साल पहले वह चोट से जूझे थे, जिसके चलते उनकी तैयारियों पर भी इसका असर पड़ा था. लेकिन नीरज ने खुद से एक जिद ठान ली थी. उन्हें रुकना और थकना नहीं था. उन्हें इस खेल के शीर्ष पर खुद को साबित करना था. Also Read - Tokyo Olympics 2020- दिल्ली सरकार ने ओलंपिक में बैनर खूब लगाए लेकिन कभी कोई मदद नहीं की: एथलीट

नीरज चोपड़ा का ट्वीट

23 वर्षीय इस स्टार जैवलिन थ्रोअर (Neeraj Chopra) के टि्वटर हैंडल पर एक नजर डालें तो यहां उन्होंने खुद को प्रेरित करने के लिए चार पंक्तियां ट्वीट की हुई हैं, जिसे उन्होंने बीते 4 साल से पिन कर रखा है, ताकि सबसे पहले उनका वही ट्वीट दिखाई दे.

नीरज ने इन 4 पंक्तियों में लिखा है, ‘जब सफलता की ख्वाहिश आपको सोने न दे, जब मेहनत के अलावा और कुछ अच्छा न लगे. जब लगातार काम करने के बाद भी थकावट न हो. समझ लेना सफलता का नया इतिहास रचने वाला है.’ सफलता रचने का नीरज का यह सपना आज साकार हो गया है. हर देशवासी की जुबान पर उन्हीं की चर्चा है.