Tokyo Olympics 2021: टोक्‍यो ओलंपिक में रविवार को सुपर संडे (Super Sunday) में भारत के लिए बैक टू बैक अच्‍छी खबरें आई. भारत की पुरुष हॉकी टीम ने क्‍वाटर फाइनल मुकाबले में ग्रेट ब्रिटेन को 3-1 से मात देकर इतिहास रख दिया. साल 1972 के बाद ये पहला मौका है जब भारतीय हॉकी टीम (Hockey India) ने ओलंपिक में ब्रिटेन को मात दी हो. इससे पहले पीवी सिंधु (PV Sindhu) ने बैडमिंटन में कांस्‍य पदक अपने नाम कर भारत को दूसरा पदक दिलाया.Also Read - टीम इंडिया के 2021-22 के सीजन शेड्यूल का ऐलान; न्यूजीलैंड, वेस्टइंडीज, श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होगी सीरीज

भारतीय टीम ने 49 साल बाद ओलंपिक के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्‍की की है. भारत की हॉकी टीम अब सेमीफाइनल में बेल्‍जिम के खिलाफ उतरेगी. एक और मुकाबला जीतने पर फाइनल में प्रवेश करते हुए हॉकी टीम भारत के लिए मेडल पक्‍का कर देगी. Also Read - Virender Sehwag बोले- गेंदबाजों के कप्तान रहे हैं MS Dhoni, मेंटॉर बनने से बुमराह & कंपनी को होगा फायदा

भारतीय पुरुष हॉकी टीम के लिए दिलप्रीत सिंह, गुरजंत सिंह और हार्दिक सिंह ने 1-1 गोल किया. टीम इंडिया ने पहले हॉफ के दौरान शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्रेड ब्रिटेन पर 2-0 से बढ़त बना ली थी. मैच दोबारा शुरू हुआ तो ब्रिटेन ने वापसी करते हुए भारत के खिलाफ एक गोल दाग दिया. खेल के तीसरे क्‍वाटर में ब्रिटेन की टीम ने पेनल्‍टी कॉर्नर के माध्‍यम से भारत के खिलाफ गोल किया. Also Read - India vs England- मैनचेस्टर टेस्ट रद्द होने का कारण मैं नहीं, बनाया जा रहा है बलि का बकरा: Ravi Shastri

हालांकि इंग्‍लैंड की खुशी ज्‍यादा वक्‍त तक नहीं रह सकी. भारत ने जबर्दस्‍त वापसी करते हुए इंग्‍लैंड के खिलाफ एक और गोल दागकर 3-1 से बढ़त बना ली. ब्रिटेन की टीम को मैच के दौरान अंपायरों का भी खूब साथ मिला. कई मौकों पर ये देखा गया कि अंपायर्स के फैसले भारत के खिलाफ ही गए.

भारतीय हॉकी टीम की टोक्‍यो ओलंपिक टीम में शुरुआत खास अच्‍छी नहीं रही थी. शुरुआती मैचों में हार के बाद भारतीय टीम जीत की पटरी पर लौट आई. इस ओलंपिक में भारत को पहला मेडल में मीराबाई चानू ने टूर्नामेंट के पहले ही दिन दिलाया था.