Indian Women Hockey Team Reaches to Semi Final: भारतीय महिला हॉकी टीम ने टोक्‍यो ओलंपिक 2020 में ऑस्‍ट्रेलिया को 1-0 से मात देकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्‍की कर ली है. पहली बार महिला टीम के ओलंपिक में सेमीफाइनल तक पहुंचने के बाद फैन्‍स के मन में शाहरुख खान की फिल्‍म चक दे इंडिया की यादें भी ताजा हो गई हैं. महिला हॉकी टीम के कोच शुअर्ड मरिने ने कहा है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल के मैच ने साबित किया है कि सपने सच होते हैं.Also Read - Chakla- Belan Ke Vastu Tips: महिलाएं इस दिन भूलकर भी ना खरीदें चकला-बेलन, चाहती हैं सुख-शांति तो इन चीजों का रखें बारीकी से ध्यान

ऑस्‍ट्रेलिया की टीम मौजूदा वक्‍त में महिला हॉकी में नंबर-2 की रैंकिंग वाली टीम है. कंगारुओं को हराने के बाद अब भारतीय टीम का चार अगस्त को अर्जेटीना के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबला खेलना है. Also Read - Petrol-Diesel Rate Today: पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जानिए आपके शहर में आज क्या है एक लीटर की कीमत...

कोच मरिने ने कहा, “जब हम क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई किए तो मैंने टीम से इस पल की महत्वत्ता के बारे में बात की. किसी भी एथलीट के लिए यह कठिन हालात होते हैं क्योंकि दिमाग में कई चीजें चल रही होती हैं, जैसे अगर हम मैच नहीं जीत सके तो या मैं बॉल को नहीं रोक पाई तो क्या होगा. मैंने टीम को एक फिल्म दिखाई और मुझे लगता है कि इसने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बड़ा बदलाव दिखाया.” Also Read - PSSSB Admit Card 2021 Released: PSSSB ने जारी किया इन पदों के लिए एडमिट कार्ड, इस Direct Link से करें डाउनलोड

कोच ने कहा कि टोक्यो आने से पहले सबसे बड़ा नुकसान हमारे लिए यह था कि हमने मैच अभ्यास कम किया था. महामारी के कारण यूरोप और अन्य देशों ने भारत से उड़ानों को प्रतिबंधित किया था जिसके कारण प्रतिस्पर्धी मैच भी नहीं हो सके.

मरिने ने टीम से कहा था कि बिना दबाव के खेले क्योंकि इस मैच में खोने के लिए कुछ नहीं है.

उन्होंने कहा, “आज मैंने लड़कियों से कहा कि खुल कर खेलें. दबाव विपक्षी टीम पर है और यह जानना बहुत जरूरी है. जो टीम शीर्ष रैंकिंग की होती है उसके लिए क्वार्टर फाइनल मैच कठिन होता है. मैं चाहता था कि खिलाड़ी खुद पर गर्व करें.”

मरिने ने कहा, “इस मैच ने साबित किया है कि सपने सच होते हैं. अगर आप खुद पर भरोसा रखते हैं और मेहनत करते हैं तो आपको चीजें मिल सकती हैं. आपको सपने पूरे करने के लिए काम करना पड़ता है और हमने आज ऐसा ही किया.”