Tokyo Olympics 2020: मीराबाई चानू ने शनिवार (24 जुलाई) को 49 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतकर टोक्यो ओलंपिक में भारत को पहला मेडल दिलाया. इसी के साथ मीराबाई चानू ने ओलंपिक खेलों में भारत के भारोत्तोलन पदक के 21 साल के इंतजार को खत्म किया. 26 वर्षीय भारोत्तोलक ने कुल 202 किग्रा (87 किग्रा + 115 किग्रा) से कर्णम मल्लेश्वरी के 2000 सिडनी ओलंपिक में कांस्य पदक से बेहतर प्रदर्शन किया. इससे उन्होंने 2016 में रियो ओलंपिक के खराब प्रदर्शन को भी पीछे छोड़ दिया जिसमें वह एक भी वैध वजन नहीं उठा सकीं थीं.Also Read - Neeraj Chopra का सपना पूरा, माता-पिता को पहली बार कराया 'हवाई सफर'

चीन की होऊ जिहुई ने 210 किग्रा (94 किग्रा +116 किग्रा) के प्रयास से स्वर्ण पदक जीता जबकि इंडोनेशिया की ऐसाह विंडी कांटिका ने 194 किग्रा (84 किग्रा +110 किग्रा) के प्रयास से कांस्य पदक अपने नाम किया. Also Read - उत्कृष्टता हासिल करने के लिए विराट कोहली को फॉलो करना चाहते हैं पीआर श्रीजेश

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पदक जीतकर वह रो पड़ीं और खुशी में उन्होंने अपने कोच को गले लगाया. इसके बाद चानू ने ऐतिहासिक पोडियम स्थान हासिल करने का जश्न नाचकर मनाया. जब मीराबाई चानू वजन उठा रही थीं. उस वक्त परिवार और पड़ोसी टीवी पर उन्हें देख रहे थे. कोई ईश्वर से दुआ कर रहा था, तो कोई बेटी को लगातार चीयर कर रहा था. जैसे ही मीराबाई चानू ने पदक पक्का किया. सभी लोग खुशी से उछल पड़े. कुछ लोगों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े.