भारत की सानिया मिर्जा (Sania Mirza) और अंकिता रैना (Ankita Raina) की जोड़ी रविवार को टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) महिला युगल के पहले दौर में उक्रेन की नादिया और लियुडमाइला किचेनोक बहनों से हारकर बाहर हो गई।Also Read - नीरज चोपड़ा, सुमित अंतिल की सफलता के बाद क्रिकेट जितना लोकप्रिय होगा भालाफेंक: अनुराग ठाकुर

सानिया और अंकिता ने पहला सेट 6-0 से जीतकर शानदार शुरूआत की लेकिन अगले दो सेट में लय कायम नहीं रख सकी। भारतीय जोड़ी करीब डेढ़ घंटे तक चले मुकाबला में 6-0, 6-7, 8-10 से हार गई। Also Read - उत्कृष्टता हासिल करने के लिए विराट कोहली को फॉलो करना चाहते हैं पीआर श्रीजेश

सानिया दूसरे सेट में 5-3 से बढ़त मिलने के बाद मैच जीतने के लिये निर्णायक सर्विस पर थी लेकिन उन्होंने दबाव में आकर अपनी सर्विस गंवा दी। इसके बाद से उक्रेन की जोड़ी ने भारतीयों को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। Also Read - टोक्यो ओलम्पिक में पदक से चूके 24 खिलाड़ियों को गिफ्ट में मिली कार, टाटा मोटर्स ने किया सम्मानित

सुपर टाइब्रेकर में सानिया और रैना 1-8 से पीछे थे लेकिन उन्होंने लगातार सात अंक लेकर 8-8 से बराबरी की। इसके बाद दो अंक गंवाकर ओलंपिक से रवानगी तय कर ली।

इससे पहले मैच के दूसरे ही गेम में प्रतिद्वंद्वियों की सर्विस तोड़का सानिया और अंकिता ने बढ़त बना ली थी। उन्होंने पहला सेट 21 मिनट में जीत लिया।

दूसरे सेट के दूसरे गेम में अंकिता का बैकहैंड रिटर्न बेसलाइन के ऊपर से निकल गया जिसके बाद किचेनोक बहनों ने वापसी की। अंकिता ने 40-15 पर बढ़त बनाई लेकिन फोरहैंड पर उनका रिटर्न नेट में चला गया और सानिया ने भी गलतियां की।

छठें गेम में सानिया ने फोरहैंड पर विनर लगाकर मौका बनाया लेकिन अंकिता का रिटर्न फिर कमजोर रहा। दूसरे सेट में सानिया के दमदार खेल के बूते भारत मैच जीतने से एक गेम दूर था। मैच के लिये सर्विस करते हुए सानिया ने लगातार दो गलतियां कर दी और वहां से मैच भारत की पकड़ से छूटता चला गया।

इससे पहले भारत के सुमित नागल ने शनिवार को पुरूष एकल वर्ग में इस्राइल के डेनिस इस्तोमिन को हराकर दूसरे दौर में जगह बनाई थी । वो जीशान अली (1988 सियोल) और लिएंडर पेस (1996 अटलांटा) के बाद ओलंपिक पुरूष एकल मैच जीतने वाले तीसरे भारतीय खिलाड़ी बने।