Trending Sports News: भारत और ऑस्‍ट्रेलिया (IND vs AUS) के बीच होने वाली टेस्‍ट सीरीज के दौरान पूर्व कप्‍तान स्‍टीव स्मिथ (Steve Smith) और उपकप्‍तान रहे डेविड वार्नर (David Warner) एक्‍स-फैक्‍टर साबित हो सकते हैं. यही वजह है कि आईपीएल (IPL 2020) खेलकर लौटे इन दोनों क्रिकेटर्स को टेस्‍ट सीरीज के लिए तैयार करने में ऑस्‍ट्रेलियाई टीम मैनेजमेंट कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहता. मुख्‍य कोच जस्टिन लैंगर (Justin Langer) ने बताया कि स्मिथ को थ्रो डाउन की प्रैक्टिस कराते-कराते अब रिकी पोंटिंग (Ricky Ponting) के हाथ में दर्द होने लगा है. Also Read - India vs Australia 4th Test: रोहित शर्मा को अपने शॉट पर आउट होने का नहीं कोई पछतावा, बोले- ऐसे ही खेलूंगा

भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच टेस्‍ट सीरीज 17 दिसंबर से शुरू हो रही है. ऑस्ट्रेलियाई टीम में भारत की तरह कोई थ्रोडाउन विशेषज्ञ नहीं हैं. जस्टिन लैंगर उन खिलाड़ियों के साथ काम कर रहे हैं जो आईपीएल में नहीं खेल थे. जो खिलाड़ी आईपीएल से लौटे हैं सभी सिडनी ओलम्पिक पार्क में अलग से ट्रेनिंग कर रहे हैं. Also Read - ब्रिसबेन टेस्‍ट में रोहित शर्मा लंगड़ाकर चलते हुए आए नजर, भारत के लिए बजी खतरे की घंटी

रिकी पोंटिंग (Ricky Ponting) दिल्‍ली कैपिटल्‍स के कोच थे. वहीं, स्‍टीव स्मिथ, डेविड वार्नर जैसे खिलाड़ी राजस्थान रॉयल्‍स और सनराइजर्स हैदाराबाद का नेतृत्‍व कर रहे थे. Also Read - बारिश से प्रभावित मुकाबले में भारत ने बनाए 62/2, ऑस्‍ट्रेलिया के पास 307 रन की बढ़त

लैंगर (Justin Langer) ने कहा, हमें यहीं एक दूसरे की मदद करने की जरूरत है. मैं 10 साल पहले बल्लेबाजी कोच था, उसके दो-तीन साल तक रहा. यह काफी मुश्किल काम है. दुख की बात यह है कि हमारे पासे ग्रैम हिक नहीं हैं. पहले हमारे पास मिशेल डी वेनटुओ थे (दोनों बल्लेबाजों की मदद के लिए थे). यह (बल्लेबाजों की मदद करना) बड़ी जिम्मेदारी है. मैं पोंटिंग (Ricky Ponting) को जानता हूं, वह 10 दिन से स्टीव स्मिथ को थ्रो टाउन दे रहे हैं, उनके हाथ दर्द करने लगे हैं.

लैंगर (Justin Langer) ने कहा, मैं कुछ महीनों से पोटिंग (Ricky Ponting) से मजाक करता हूं और पूछता हूं कि स्मिथ थ्रो डाउन करना कैसा है? हमारे खिलाड़ी गेंद को मारना पसंद करते हैं. यह हमारे काम का हिस्सा है. हमें अपने खिलाड़ियों को अच्छे से अच्छे से तैयार करना है. हमें यह करना है चाहे थ्रो डाउन विशेषज्ञ के तौर हो या किसी और तरीके से.