नई दिल्ली. आ देखें जरा… किसमें कितना है दम. कुछ इसी तर्ज पर उमेश यादव ने हैदराबाद टेस्ट में कैरेबियाई बल्लेबाजों से अकेले लोहा लिया. हम यहां ‘अकेले’ शब्द का इस्तेमाल इसलिए कर रहे हैं क्योंकि डेब्यूडेंट शार्दुल ठाकुर के चोटिल हो जाने के बाद तेज गेंदबाजी के मोर्चे पर दूसरे छोर से उमेश यादव का साथ देने वाला कोई नहीं था. यानी, मुकाबले में उन्हें अपना कोटा तो पूरा करना ही था साथ ही शार्दुल की कमी को भी टीम पर हावी नहीं होने देना था. इन दोनों ही मोर्चे पर विदर्भ एक्सप्रेस के नाम मशहूर उमेश ने न सिर्फ अपने काम को बखूबी अंजाम दिया बल्कि मुकाबले में 10 विकेट भी चटकाए. Also Read - भारतीय पुरुष खिलाड़ियों के साथ ही 2 जून को यूके रवाना होगी महिला टीम लेकिन BCCI ने कोरोना टेस्ट करवाने से किया इंकार

उमेश का ‘दस का दम’ Also Read - Tim Southee से फैन ने पूछ लिया क्‍या WTC 2021 फाइनल में निकाल पाएंगे Virat Kohli का विकेट ? मिला ये जवाब

उमेश यादव ने वेस्टइंडीज के खिलाफ हैदराबाद में खेले सीरीज के दूसरे और आखिरी टेस्ट में 133 रन देकर 10 विकेट लिए. ये उनके टेस्ट करियर का बेस्ट प्रदर्शन है. दूसरे लहजे में कहें तो उनके करियर में ये पहला मौका है जब उन्होंने 10 विकेट एक टेस्ट मैच में झटके हैं. घरेलू सीरीज में सबसे तेज 10 विकेट झटकने वाले उमेश श्रीनाथ और कपिलदेव के बाद तीसरे भारतीय गेंदबाज हैं. Also Read - आखिर ऐसा क्यों बोले Tim Paine- 'मैं Virat Kohli को हमेशा याद रखूंगा'

उमेश के प्रदर्शन ने बनाया ‘दीवाना’

कैरेबियाई टीम के खिलाफ उमेश के इस प्रदर्शन को देखकर टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली भी दंग है. भारत की सपाट पिच को अक्सर स्पिनरों के माकूल माना जाता है. यही वजह है कि भारत एक नहीं दो नहीं बल्कि तीन स्पिनर के साथ मैदान में उतरा था. लेकिन, स्पिनरों के गढ़ मेें उमेश यादव ने अपने दस के दम से सबका ऐसा दिल जीता कि विराट कोहली को कहना पड़ा कि इस परफॉर्मेन्स मे उमेश को ऑस्ट्रेलिया में प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनने का हकदार बना दिया है.

प्लेइंग XI का सलेक्शन बनेगा सिरदर्द?

टीम इंडिया के कप्तान ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि उसने अपने करियर का लाजवाब प्रदर्शन किया और वह इस प्रदर्शन को आगे और भी बेहतर कर सकता है. आस्ट्रेलिया में चार टेस्ट मैच काफी मुश्किल हो सकते हैं क्योंकि कूकाबूरा गेंद ऐसा बर्ताव नहीं करती है, जैसा इंग्लैंड में करती है. इसलिए आपको पूरे दिन दौड़कर रफ्तार से सही लाइन एवं लेंथ में गेंदबाजी करनी होगी. ऐसे में मुझे लगता है कि इस नजरिए से उमेश आस्ट्रेलिया में खेलने के लिये बिलकुल सही है. ’’ कोहली ने कहा, ‘‘ उमेश की गेंदों में तेजी है, उसका फिटनेस स्तर पूरे दिन गेंदबाजी के लिये बेहतर है, वह अहम मौकों पर विकेट भी झटकता है और उसकी गेंद में बाउंस भी है, ऐसे में हमारे लिए प्लेइंग XI का सलेक्शन काफी मुश्किल होने वाला है. ’’

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरीज की शुरुआत 6 दिसंबर से एडिलेड में होगी.